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आखिर माजरा क्या है: आशीष एनएक्स अग्निकांड मामले में चार दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, अवैध निर्माण पर प्रशासनिक बुलडोजर है खामोश

Nagpur News. आशीष एनएक्स अग्निकांड को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी जस का तस है। अवैध निर्माण पर कार्रवाई आखिर कब होगी? जिस इमारत में भीषण आग लगी और जहां फायर सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी के आरोप सामने आए हैं, उसी ढांचे पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। न तो ढहाने का नोटिस जारी हुआ और न ही किसी तरह की जमीनी कार्रवाई शुरू हो सकी है। सवाल उठ रहे हैं कि अवैध निर्माण पर कार्रवाई कब होगी? जिस इमारत में भीषण आग लगी, जहां फायर सुरक्षा नियमों की अनदेखी हुई, जहां बिना वैध अनुमति निर्माण किए जाने की बात खुद मनपा के अलग अलग विभागों ने स्वीकार किया है।
अवैध निर्माण गांधीबाग जोन ने ढहाने का नोटिस जारी ही नहीं किया। ऐसे में पूरे मामले में सियासी हस्तक्षेप और लीपापोती की आशंका गहराने लगी है। आग लगने के बाद केवल पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया, लेकिन जिन अनियमितताओं और अवैध निर्माण की वजह से लोगों की जान खतरे में पड़ी, उस मूल मुद्दे पर कार्रवाई आगे बढ़ती नजर नहीं आ रही। शहर में चर्चा है कि राजनीतिक दबाव के चलते मामले को धीरे-धीरे ठंडा करने की कोशिश की जा रही है।
बड़े सवालों पर चुप्पी
बुधवार को अग्निशमन समिति की सभापति रुपाली ठाकुर ने अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उनके साथ मुख्य अग्निशमन अधिकारी तुषार बारहाते भी मौजूद थे। घटना के चार दिन बाद आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आग, सुरक्षा और नियमों को लेकर लंबी-चौड़ी बातें की गईं, लेकिन आशीष एनएक्स के अवैध निर्माण, जिम्मेदारों की जवाबदेही और आगे की कार्रवाई जैसे अहम मुद्दों पर स्पष्ट जवाब नहीं दिए गए। पत्रकारों के सवालों पर अधिकारियों के जवाब गोलमोल रहे। केवल इतना बताया गया कि महाराष्ट्र फायर एक्ट की धारा 36 का उल्लंघन हुआ है और मामला दर्ज किया गया है। पर अवैध निर्माण कब तोड़ा जाएगा? दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी? जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी या नहीं, इस पर कोई स्पष्टता नहीं दी गई।
‘जिम्मेदारों’ के गोल-मोल जवाब
अग्निशमन समिति की सभापति रुपाली ठाकुर ने कहा आशीष एनएक्स अग्निकांड की घटना के बाद हम शहर के सभी क्षेत्रों और दुकानों का सर्वे करेंगे। फायर सिस्टम की जांच करेंगे और उचित करवाई भी करेंगे।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी तुषार बाराहाते के मुताबिक प्राथमिक जांच में महाराष्ट्र फायर एक्ट की धारा 36 के उल्लंघन की बात सामने आई है। मालिक आशीष केवलरामानी ने फायर सिस्टम का ठीक से रख-रखाव नहीं किया था। आग की घटना के दौरान इस यंत्र निष्क्रिय पाए गए। हमने नियमानुसार अपराध दर्ज कराया है। अवैध ढांचे को गिराने की कार्रवाई नगर रचना विभाग और गांधीबाग जोन करेगा।
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नगर रचना विभाग अधिकारी का कहना है कि ऋतुराज जाधव दमकल विभाग से पत्र मिला है। आशीष केवलरामानी ने 3 इमारतों को जोड़-तोड़ बनाया था, जिसकी अनुमति उसने नहीं ली थी। इसलिए इमारत पूरी तरह अवैध है। इमारत को ढहाने की कार्रवाई हम नहीं करते हैं। यह कार्य गांधीबाग जोन कार्यालय करेगा।
गांधीबाग जोन के सहायक आयुक्त घनश्याम पंधरे ने बताया कि मामला हमारे संज्ञान में है। संबंधित विभागों ने हमें जानकारी दी है। हम भी अपने स्तर पर देख रहे हैं। अवैध निर्माण ढहाने नोटिस कब भेजना है, उसके बारे में कहना जल्दबाजी होगी।
...तो इसलिए कार्रवाई में देरी
चर्चा है कि आशीष एनएक्स का मालिक आशीष केवलरामानी के सियासी संपर्क के चलते उसके शो-रूम पर कोई भी कार्रवाई किये जाने से बचा जा रहा है। शहर के बड़े जनप्रतिनिधियों और नेताओं के उसके अच्छे सम्पर्क हैं। यही वजह है कि केवलरामानी की अवैध इमारत को अब तक ढहाया नहीं गया है। केवलरामानी ने भी इसी रसूख का इस्तेमाल कर रिहायशी फ्लैट खरीदकर उन्हें तोड़कर और जोड़कर व्यावसायिक उपयोग के लिए बड़ा माल तैयार किया। इस दौरान फायर सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी की गई।
सामने ‘चोर’, फिर भी कोतवाल को डर
नगर रचना विभाग और फायर विभाग दोनों यह स्वीकार कर चुके हैं कि इमारत में नियमों का उल्लंघन हुआ और निर्माण वैध नहीं था। फायर और नगर रचना विभाग के अधिकारी बताते हैं कि अवैध निर्माण को तोड़ने का कार्य गांधीबाग जोन का है। यानी अग्निशमन और नगर रचना ने अपनी जिम्मेदारी गांधीबाग जोन पर थोप दी। दूसरी तरफ जब गांधीबाग जोन कार्यालय में संपर्क करने पर बताया जाता है कि हम जल्द नोटिस भेजेंगे, लेकिन कब, इसकी जानकारी अधिकारी देने से बचते हैं। इसी गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते चार दिन बीत जाने के बाद भी ढहाने की कार्रवाई के लिए नोटिस तक जारी नहीं किया है। सामान्य मामलों में तत्काल नोटिस और कार्रवाई करने वाला प्रशासन इस मामले में खामोश नजर आ रहा है।
Created On :   4 Jun 2026 7:42 PM IST












