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Nagpur News: विश्व पर्यावरण दिवस: वैज्ञानिक नवाचारों को समाज से जोड़ने का अवसर

Nagpur News विश्व पर्यावरण दिवस केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का अवसर नहीं है। यह सतत विकास, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक नवाचारों को समाज से जोड़ने का अवसर है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सीएसआईआर-राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-नीरी) नागपुर में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, औद्योगिक पारिस्थितिकी, जनस्वास्थ्य, जैव विविधता और अत्याधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे कार्यों को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों तथा नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान और तकनीकी नवाचारों के उपयोग पर चर्चा की जाएगी।
डॉ. मिश्रा ने की थी वायरस की जीनोमिक निगरानी
नीरी सभागृह में शुक्रवार की दोपहर 12.15 बजे विश्व पर्यावरण व राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस समारोह होगा। समाराेह में मुख्य अतिथि के रुप में टाटा इन्स्टिट्यूट फॉर जेनिटिक्स सोसायटी (टीआईजीएस) बेंगलुरु के निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा उपस्थित रहेंगे। इससे पहले डॉ. मिश्रा सीएआईआर-सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मोलक्यूलर बायलॉजी (सीसीएमबी) के निदेशक रह चुके हैं। उनके नेतृत्व में सीसीएमबी ने कोविड-19 महामारी के दौरान सार्स-कोविड-2 वायरस की जीनोमिक निगरानी, डायग्नोस्टिक्स, ड्रग स्क्रीनिंग और पर्यावरणीय सर्विलांस में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके लगभग 200 शोधपत्र प्रकाशित हो चुके है। डॉ. मिश्रा वर्तमान में संक्रामक रोगों, दुर्लभ आनुवंशिक विकारों, पोषण सुरक्षा तथा एमआरएनए थेरेपी, जीन थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को आमजन के लिए सुलभ और किफायती बनाने के प्रयासों से जुड़े हुए हैं।
दो महत्वपूर्ण श्वेत पत्रों का होगा विमोचन
कार्यक्रम की शुरुआत सीएसआईआर-नीरी के निदेशक डॉ. एस वेंकट मोहन के प्रास्ताविक भाषण से होगी। इसके बाद सीएसआईआर-नीरी और टीआईजीएस के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। जिससे पर्यावरण विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। समारोह में ‘इंडस्ट्रियल इकोलॉजी इन द इंडियन कॉन्टेक्स्ट’ तथा ‘विदर्भ क्षेत्र हेतु पर्यावरणीय स्वास्थ्य जोखिम एटलस एवं कार्य रूपरेखा’ जैसे दो महत्वपूर्ण श्वेत पत्रों का विमोचन किया जाएगा। साथ ही ‘फंगल डायवर्सिटी इन सीएसआईआर-नीरी नागपुर’ पुस्तक का भी लोकार्पण होगा। मुख्य अतिथि के संबोधन के बाद विद्यार्थी अनुसंधान एवं नवाचार प्रदर्शनी में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों के समन्वय का एक महत्वपूर्ण है। जिससे विदर्भ सहित देशभर में सतत विकास की दिशा में नई संभावनाओं को बल मिलेगा। कार्यक्रम में देशभर के विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे
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Created On :   4 Jun 2026 3:25 PM IST














