रियल जैसी फीलिंग: अब बिना जिप्सी के जंगल सफारी, ताड़ोबा में वर्चुअल रियलिटी की शुरुआत, दिखा बेहतर उत्साह

अब बिना जिप्सी के जंगल सफारी, ताड़ोबा में वर्चुअल रियलिटी की शुरुआत, दिखा बेहतर उत्साह
  • 6 मिनट के वीडियो में हर ऋ तु का अनुभव
  • ताड़ोबा में वर्चुअल रियलिटी की शुरुआत
  • बाघ, हिरण, पक्षी-सब कुछ इतना करीब लगेगा जैसे आप खुद जंगल में हैं

Nagpur News. अब जंगल घूमने के लिए जिप्सी की जरूरत नहीं है। विदर्भ के ताड़ोबा में अनोखे तरीके से पर्यटकों को जंगल सफारी का मजा दिया जा रहा है। दरअसल, यहां पर वर्चुअल रियलिटी (वीआर) की शुरूआत की गई है। यानी केबिन में बैठकर ही हेडसेट लगाकर जंगल सफारी कराई जा रही है। पर्यटन को मजेदार बनाने के लिए ऐसा किया है। इसका उद्गाटन उद्घाटन महाराष्ट्र के वनमंत्री गणेश नाईक ने किया। पेंच में भी इसे शुरू किया जानेवाला है।

6 मिनट के वीडियो में हर ऋ तु का अनुभव

सिर्फ 6 मिनट की वीआर वीडियो में ताड़ोबा के जंगलों की हर ऋतु का कमाल का नजारा देखने मिलने वाला है। बाघ, हिरण, पक्षी-सब कुछ इतना करीब लगेगा जैसे आप खुद जंगल में हैं। आम सफारी से कहीं आगे, ये अनुभव पर्यटकों को वन्यजीवों और उनके घर की गहराई से समझ देगा। हर गेट पर वीआर किट्स लगाए जा रहे हैं, जिप्सी की संख्या के हिसाब से।

मोहर्ली और खुटवां याडा गेट पर इसकी शुरूआत हो गई है। जल्दी ही सभी गेट पर शुरू हो जाएगी। सबसे मजेदार बात यह कि हर किट लोकल युवाओं को सौंपी गई है। वे ही चलाएंगे, मैनेज करेंगे। बफर जोन के 40 युवाओं को डायरेक्ट जॉब और स्टेबल कमाई इससे मिल रही है। यह ‘चला माझा ताडोबा' कैंपेन का हिस्सा है।

Created On :   18 May 2026 8:11 PM IST

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