नागपुरियन्स का ग्लोबल टैलेंट: कोरोना त्रासदी पर बनी शॉर्ट फिल्म को इंडो एशिया फिल्म फेस्टिवल में मिले दो अंतरराष्ट्रीय सम्मान

कोरोना त्रासदी पर बनी शॉर्ट फिल्म को इंडो एशिया फिल्म फेस्टिवल में मिले दो अंतरराष्ट्रीय सम्मान
  • तालाबंदी – द साइलेंट किलर फिल्म ने विदेश में लहराया परचम
  • नागपुर के कलाकारों का कमाल, जमकर बजी तालियां
  • शॉर्ट फिल्म को इंडो एशिया फिल्म फेस्टिवल में दो अंतरराष्ट्रीय सम्मान

Nagpur News. उपराजधानी के कलाकारों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जुनून-मेहनत और प्रतिबद्धता के आगे संसाधनों की कमी भी मायने नहीं रखती। फिल्म के अभिनेता निर्माता अभय यादव और संतोष गणवीर ने इसकी कहानी को फिल्माने में दिन रात एक कर दिए थे। कलाकारों की कड़ी मेहनत के बाद तैयार हिंदी शॉर्ट फिल्म ‘तालाबंदी – द साइलेंट किलर’ ने इंडोनेशिया में आयोजित Indo Asia Film Festival में एक नहीं दो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए हैं।


फिल्म को ‘बेस्ट हिंदी शॉर्ट फिल्म’ और ‘बेस्ट सिनेमैटोग्राफर’ (रूरल ब्लैक एवं रूरल व्हाइट श्रेणी) से सम्मानित किया गया। सैकड़ों फिल्मों के बीच यह उपलब्धि हासिल करना संतरानगरी के लिए गर्व का विषय बन गया है।

संघर्षों के बीच जन्मी एक मार्मिक कहानी

फिल्म की कहानी की बातक करें तो कोरोना काल की भयावह पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म एक ऐसे पिता की मानसिक कशमकश को दर्शाती है, जो हालात से टूटकर पत्नी और दो बच्चों की हत्या जैसा भयावह कदम उठाने की सोच तक पहुंच जाता है। महामारी के दौरान उपजी आर्थिक तंगी, मानसिक दबाव और सामाजिक असुरक्षा को फिल्म ने बेहद संवेदनशील और प्रभावी ढंग से चित्रित किया है


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शूटिंग भी इतनी आसान नहीं थी

फिल्म का निर्माण आसान नहीं था। कभी कलाकारों की अनुपलब्धता, तो कभी तकनीकी टीम की दिक्कतों के कारण कई बार शूटिंग शेड्यूल रद्द करना पड़ा। कोरोना प्रतिबंधों के चलते लोकेशन, संसाधन और सुरक्षा प्रबंध बड़ी चुनौती बने रहे। कुछ कलाकारों ने शुरुआत में काम करने से भी इनकार कर दिया था। बावजूद इसके, पूरी टीम ने हार नहीं मानी और दृढ़ संकल्प के साथ फिल्म को पूरा किया।


रंगमंच से फिल्मों तक अभय यादव का सफर

लीड रोल करने वाले अभय यादव लंबे समय से रंगमंच से जुड़े रहे हैं। उन्होंने भोजपुरी फिल्म ‘टूटे न सनेडिया के डोर’, मराठी फिल्म ‘नारी तुझी अजीब कहानी’ में सहायक निर्देशक के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ और कई हिंदी-छत्तीसगढ़ी म्यूजिक एल्बम में अभिनय कर चुके हैं। हिंदी और मराठी नाटकों में भी उनका लंबा अनुभव रहा है। अभिनय की यह यात्रा वर्षों पुरानी है और वे इसे लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।


नागपुर के टैलेंट की दमदार छाप

फिल्म निर्देशन में के.राज और अभय यादव ने कलाकारों से शानदार अभिनय कराया। मुख्य भूमिकाओं में सयोनी मिश्रा, बाल कलाकार अरनव यादव, खुशी गुप्ता, सैयद मुमताज, संजय खोब्रागडे, अजय यादव, कुंती यादव, राहुल वासनिक, जितेंद्र नामदेव और सचिन पायलट सहित कई स्थानीय कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय किया।

कैमरामैन सार्जन शेट्टे और एडिटर नीतिश कश्यप ने तकनीकी रूप से फिल्म को मजबूत आधार दिया। इससे पहले भी यह फिल्म मुंबई और नागपुर के अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में ‘बेस्ट एक्टिंग’ और ‘बेस्ट कॉन्सेप्ट’ का पुरस्कार जीत चुकी है।


पहली बार एक मित्र के माध्यम से फिल्म को विदेश भेजा गया और वहां मिली इस बड़ी सफलता ने नागपुर के कलाकारों के हौसले को नई उड़ान दी है। यह उपलब्धि शहर के उभरते कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।



Created On :   25 Feb 2026 7:43 PM IST

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