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हिंद की चादर: गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर शाह बोले - गुरु तेग बहादुर जी न होते तो न बचता हिंदू और सनातन, मोदी ने कहा - सामाजिक एकता देश की असली शक्ति

Navi Mumbai. गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर खारघर में ‘हिंद दी चादर' स्मृति दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शामिल हुए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो संदेश से जुड़े। अपने वीडियो संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने सामाजिक एकता की अवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संतों का आशीर्वाद और सामाजिक एकता ही देश की असली शक्ति है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धर्म की रक्षा में गुरु तेग बहादुर के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर न होते तो हिंदू और सनातन नहीं बचता।
गुरुओं की सेवा का कोई अवसर नहीं छोड़ा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि वर्तमान समय में देश को सामाजिक एकता की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि संगत का यह अद्भुत आयोजन भरोसा दिलाता है कि हमारे संतों का आशीर्वाद देश के साथ है। पीएम मोदी ने इस बात पर खुशी जताई कि गुरु तेग बहादुर का इतिहास केवल तीन शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महाराष्ट्र के कोने-कोने तक पहुंच चुका है।
पूरा सनातन धर्म गुरु साहिब के प्रति कृतज्ञ : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं नतमस्तक हूं अगर गुरु तेग बहादुर साहिब ने शहादत नहीं दी होती तो आज हिंदू नहीं बचते। पूरा सनातन धर्म गुरु साहिब के प्रति कृतज्ञ है। उन्होंने फडणवीस सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने गुरु साहिब के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का अद्भुत काम किया है। शाह ने धर्मांतरण के मुद्दे पर प्रहार करते हुए कहा कि आज पंजाब में धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है, जबकि हम उस मंच पर खड़े हैं जिसके गुरुओं ने दूसरों के धर्म को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिख गुरुओं ने प्राण त्याग दिए, लेकिन झुके नहीं, यही इस देश के लिए सबसे बड़ी सीख है। शाह ने राज्य सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्षों बाद ऐसा अवसर आया है जब बंजारा समाज और दूसरे समाज के लोग एक साथ एक मंच पर आए हैं। इस सरकार ने समाज को बांटने के बजाय जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पांच तख्तों से जो गौरवशाली परंपरा शुरू हुई थी, वह आज भी निरंतर आगे बढ़ रही है और देश का मार्गदर्शन कर रही है।
शिक्षा, स्वास्थ्य में दिखेगी गुरु साहिब की छाप : सीएम
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि 1675 में धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए दी गई गुरु साहिब की शहादत अब महाराष्ट्र के स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा होगी। ताकि, हर बच्चा उनके शौर्य से प्रेरणा ले सके। इसके साथ ही नवी मुंबई में उनके नाम पर बनने वाला अत्यधुनिक अस्पताल मानवता की सेवा का केंद्र बनेगा। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजित पवार ने भी गुरु साहिब को मानवता का रक्षक बताते हुए उनके सपने को साकार करने का संकल्प दोहराया।
Created On :   2 March 2026 5:37 PM IST










