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अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों का मुआवजा राशि देने 198 करोड़ की डिमांड भेजी

अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों का मुआवजा राशि देने 198 करोड़ की डिमांड भेजी

डिजिटल डेस्क छतरपुर । सूखे की मार झेल चुके जिले के किसानों को इस साल अच्छी बारिश होने से उम्मीद थी कि उपज अच्छी होगी, लेकिन फसल पकते ही हुई अति बारिश से जिले के किसानों की फसलें खेत में ही नष्ट हो गईं। बारिश का दौर रुकने के बाद जब किसानों के खेतों में लगी फसलों का आकलन किया गया तो पाया कि जिले के ज्यादातर किसानों की, उड़द, मूंगफली और खरीफ की अन्य फसलें नष्ट हो चुकी हैं। प्राथमिक आकलन के बाद किसानों को तत्काल सहायता देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रदेश सरकार से 198 करोड़ रुपए की डिमांड राशि का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है।
तीन सदस्यीय दल कर रहा प्रत्येक गांव में सर्वे

रिश का दौर समाप्त होने के बाद किसानों की फसलों का आकलन करने के जिला प्रशासन द्वारा पटवारी, सचिव और कृषि विभाग को मिलाकर तीन सदस्यीय दल प्रत्येक गांव में लगाया गया है। येे किसानों के खेतों में पहुंचकर खराब हुई फसलों का सर्वे कर रहे हैं। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले एक सप्ताह में सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा, तभी खराब हई फसलों की वास्तविक स्थिति का आकलन हो सकेगा। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी गांव अति वर्षा से प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक नुकसान छतरपुर, बड़ामलहरा, लवकुशनगर, चंदला, सहित अन्य ब्लाकों में हुआ है। गौरिहार में कम वर्षा होने से फसलों को कम नुकसान हुआ है, लेकिन स्थिति सर्वे के बाद ही सामने आएगी।5 से 30 हजार तक मिलेगा मुआवजा : जिस पैमाने पर जिले के किसानों की फसलें खराब हुई हैं, उसके हिसाब से प्रत्येक प्रभावित किसान को अधिकतम 30 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर और न्यूनतम 5 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सहायता राशि मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि कई जगहों पर 50 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई है तो कहीं पर 30 से 35 प्रतिशत तक फसलों को नुकसान हुआ है।

किसानों की फसले खराब हुई

व्बरसात से प्रभावित हुईं फसलों के सर्वे का काम किया जा रहा है। प्रभावित किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए 198 करोड़ रुपए की डिमांड शासन से की गई है। अति वर्षा से जिले के सभी ब्लॉकों के किसानों की फसले खराब हुई है।
-आदित्य सौनकिया, एसएलआर
 

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