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हायर सेकेंड्री की 50 छात्राओं को दी जाएगी पैरा मिलिटी फोर्स की ट्रेनिंग

हायर सेकेंड्री की 50 छात्राओं को दी जाएगी पैरा मिलिटी फोर्स की ट्रेनिंग

डिजिटल डेस्क  कटनी । शिक्षा विभाग द्वारा हायर सेकेंड्री स्कूल में अध्ययनरत बालिकाओं को पैरामिलिट्री फोर्स में भर्ती के लिए तैयार किया जाएगा। जिले से ऐसी 50 छात्राओं का चयन कर उन्हे प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। शिक्षा विभाग ने हायर सेकेंड्री स्कूलों के प्राचार्यों को पत्र लिखकर कक्षा बारहवीं में अध्ययनरत 17 साल से अधिक आयु की छात्राओं की सूची मांगी है। प्रशिक्षण के लिए छात्राओं का चयन पैरामिलिट्री फोर्स के मापदंडों के अनुसार ही किया जाएगा। चयनित छात्राओं को उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माधवनगर कटनी में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए शहरी क्षेत्र के स्कूलों की छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। केन्द्र सरकार द्वारा पैरामिलिट्री फोर्स में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने को लेकर शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में इस तरह की ट्रेनिंग देने की तैयारी की है। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। पहले छात्राओं की शारीरिक क्षमता का परीक्षण होगा। इसमें चयनित छात्राओं की लिखित परीक्षा होगी और जो छात्राएं दोनों में उत्तीर्ण होंगी उनका सिलेक्शन प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा।
फैक्ट फाइल-
-प्रथम चरण में उत्कृष्ट विद्यालय, सिविल लाइन, मॉडल स्कूल, एनकेजे एवं वेंकट वार्ड हासे स्कूल की छात्राएं चयनित होंगी।
-14 अक्टूबर को शारीरिक क्षमता का परीक्षण होगा।
-अगले दिन 15 अक्टूबर को लिखित परीक्षा होगी।
-लिखित परीक्षा के लिए पैरामिलिट्री फोर्स पैटर्न का पेपर तैयार किया जाएगा।
इनका कहना है
आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशानुसार 50 छात्राओं को पैरामिलिट्री फोर्स के लिए प्रशिक्षण दिया जाना है। यह प्रशिक्षण एक साल तक चलेगा। शहरी क्षेत्र के हायर सेकेंड्री स्कूलों में कक्षा बारहवीं में अध्ययनरत छात्राओं की सूची मंगाई गई है। शारीरिक क्षमता में पासआउट छात्राओं की लिखित परीक्षा ली जाएगी और उसमें चयनित छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- अभय जैन, प्रभारी समन्वयक रमसा
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।