दैनिक भास्कर हिंदी: जंगल में बनाया आंगनवाड़ी केन्द्र, तीन माह से बंद

November 5th, 2019

डिजिटल डेस्क सीधी। जिले के मझौली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलवारी के भेलकी डोल के जंगल में स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र क्र.3 पिछले तीन माह से बंद पड़ी हुई है। केन्द्र को खोलने न तो कार्यकर्ता पहुच रही हैं और न ही बच्चे जा रहे हैं। पंचायत द्वारा नितांत जंगल में आंगनवाड़ी केन्द्र बना देने से दुर्दशा हो रही है। 
दी गई गलत जानकारी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आंगनवाड़ी केन्द्र के लिये भवन भेलकी डोल में बनाया गया है लेकिन इसका संचालन यह कहकर दूसरी जगह में किया जा रहा है कि यहां बच्चे नही हैं। जबकि ग्रामीण बच्चों को आंगनवाड़ी केन्द्र में भेजने के लिये शुरू से ही प्रयास करते आ रहे हैं। किंतु यहां कार्यरत कर्मचारी बच्चों को केन्द्र में दर्ज नहीं किया गया बल्कि अधिकारियों को गुमराह कर झूठी जानकारी दी गई कि गांव में बच्चों की संख्या नहीं है जिस कारण से केन्द्र को दूसरी जगह संचालित  कराया जाने लगा है। जबकि जिस जगह पर केन्द्र खोला गया है वहां के बच्चों के लिये पहले से ही आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं। गांव के रामनाथ प्रजापति पंच, रानी प्रजापति, सविता सिंह, राधा सिंह, फूलकुमारी सिंह, रामबाई सिंह, श्यामकली सिंह गोंड़, सुशीला सिंह गोड़, लालबहादुर सिंह गोंड़ सहित अन्य लोगों ने भेलकीडोल में बने आंगनवाड़ी केन्द्र को संचालित करने के लिये ग्राम पंचायत एवं विभाग से मांग कर चुके हेंै लेकिन केन्द्र को संचालित करने के लिये कोई पहल नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया है कि गत 14 अगस्त 2019 से केन्द्र को बंद कर दिया गया है। आंगनवाड़ी केन्द्र बंद कर दिये जाने से गांव के बच्चों को लाभ मिलना बंद हो गया है। गांव में लाख रूपये की राशि से भवन निर्मित कराया गया है लेकिन केन्द्र के न खुलने से जहां भवन क्षतिग्रस्त होगा वहीं यहां के बच्चे भी केन्द्र के मार्फत मिलने वाली योजनाओं के लाभ से वंचित होंगे। ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर करते हुये कहा है कि अगर आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित नहीं कराया जाता तो वह इसके लिये मार्ग अवरूद्ध कर आंदोलन का रास्ता अपनायेंगे। 
दरवाजा, खिड़की निकाल ले गये चोर
नितांत जंगल में स्थित भेलकीडोल आंगनवाड़ी केन्द्र में जहां बच्चे नही पहुंंच रहे हैं वहीं सुनसान, निर्जन स्थान में बनाये गये आंगनवाड़ी भवन से चोर दरवाजा, खिड़की तक निकाल ले गये हैं। भवन के भीतर से पंखा भी चोरी हो चुका है। चोरी की घटना की शिकायत महिला बाल विकास अधिकारी सहित कलेक्टर तक से की जा चुकी है। बताया जाता है कि भेलकीडोल में बच्चे नही हैं जो हैं भी उन्हें रूपईडोल में जोड़कर बेहतर केन्द्र का संचालन किया जा सकता है।