दैनिक भास्कर हिंदी: रेत माफिया पर 28 करोड़ का जुर्माना, कलेक्टर न्यायालय ने दिए आदेश

March 18th, 2019

डिजिटल डेस्क, अनूपपुर। मप्र के अनूपपुर जिले में रेत के अवैध उत्खनन मामले में कलेक्टर न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए रेत माफिया पर 28 करोड़ 31 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जिले में यह अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना बताया गया है। रेत माफिया कमलेश सिंह चंदेल द्वारा सोन नदी पर में रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। बताया जाता है कि रेत माफिया की राजनीति में गहरी पकड़ है, जिसके कारण वह धड़ल्ले से मशीनों द्वारा रेत का अवैध उत्खनन किया करता था। आदेश के मुताबिक जुर्माना राशि देने के बाद ही मशीनों को वापस दिया जाएगा।

दो वर्ष पहले की गई थी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार रेत के अवैध उत्खनन के मामले में कलेक्टर न्यायालय से जारी किए गए आदेश में खननकर्ता व भाजपा शासन में विधानसभा तक पहुंच रखने वाले कमलेश सिंह चंदेल पर 28 करोड़ 31 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया है। जिले में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बतायी जा रही है। गौरतलब है कि दो वर्ष पूर्व तत्कालीन खनिज अधिकारी सुश्री फरहत जहां द्वारा चचाई के समीप सोन नदी में रेत के उत्खनन पर कार्यवाही कराई गई थी। खनिज निरीक्षक सुरेन्द्र पटले व पुलिस के द्वारा सोन नदी से पोकलेन मशीन व रेत का अवैध भंडार भी जब्त किया गया था। दो वर्ष तक यह प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में विचाराधीन था। 15 मार्च को कलेक्टर न्यायालय द्वारा यह आदेश पारित किया गया। 15 मार्च को आदेश होने के बाद इसकी एक प्रति 18 मार्च को खनिज महकमें तक पहुंची। इससे पूर्व ही आदेश की कापी 17 मार्च की शाम से ही सोशल मीडिया में वायरल होने लगी।

खदान में पोकलेन मशीन से होता था उत्खनन
सोन नदी में रेत खदान उर्जा नगरी चचाई के खसरा नंबर 1/304 रकवा 5.30 हेक्टेयर में संचालित की जा रही थी। खदान संचालक के द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से बाहर जाकर लगभग 94390 घनमीटर रेत का उत्खनन कराया गया। जिस पर खनिज निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार पटले व पूर्व खनिज अधिकारी के द्वारा अवैध उत्खनन के साथ-साथ खदान में पोकलेन मशीन भी संचालित पाई गई। जिस पर रकबे से बाहर जाकर खनन करने के विरुद्ध खदान संचालक के खिलाफ खनिज विभाग के द्वारा मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 53(1) तथा नियम 53(6) के तहत  कार्यवाही की गई।

22 महीने में आया फैसला
16 मई 2017 से यह प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में विचाराधीन था। कलेक्टर चन्द्रमोहन ठाकुर के द्वारा 15 मार्च को फैसला सुनाते हुए 8 बिंदुओं के आधार पर सुनवाई करते हुए खदान संचालक के खिलाफ 28 करोड़ 31 लाख 70 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना मौजूदा खनन नीति के तहत लगाया गया है। जिसमें मध्यप्रदेश शासन खनिज साधन विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक- 2150/आर/1988/16/12-1 भोपाल दिनांक 20 मई 2017 में दिए गए निर्देशों में स्पष्ट प्रावधानित है कि रेत का उत्खनन मशीनों के द्वारा नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके खदान संचालक कमलेश सिंह के द्वारा मशीन से उत्खनन किया गया। जिस पर कलेक्टर न्यायालय ने फैसला सुनाते हुये जुर्माने की 30 गुना राशि का जमा करने का आदेश पारित किया।

जुर्माने के बाद छूटेगी मशीन
कार्यवाही में तत्कालीन खनिज अधिकारी द्वारा पोकलेन मशीन भी जब्त कराई गई थी, जो तब से लेकर अब तक चचाई थाने में ही खड़ी हुई है। जिसके संबंध में आदेश पारित करते हुए कहा गया है कि रायल्टी राशि को वसूल किए जाने के बाद संबंधित मद में जमा करने के बाद ही मशीन को मुक्त किया जाएगा।

सोशल मीडिया में वायरल आदेश
15 मार्च को जारी आदेश के बाद 16 और 17 मार्च को शासकीय अवकाश होने के कारण इस आदेश की प्रति 18 मार्च की दोपहर को खनिज कार्यालय तक पहुंची। इसके ठीक उलट 17 मार्च की शाम से ही आदेश की यह कापी सोशल मीडिया में वायरल होने लगी। कलेक्ट्रेट में मौजूद रीडर व अन्य महकमा इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पाया। जबकि खनिज निरीक्षक राहुल शांडिल्य ने आदेश की कापी 18 मार्च की दोपहर 2.30 बजे आवक होना बतलाया।