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सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की आयोजित सत्रहवी बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा कर प्रारंभ करने के लिए दी गई स्वीकृति

November 18th, 2020 17:02 IST
सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की आयोजित सत्रहवी बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा कर प्रारंभ करने के लिए दी गई स्वीकृति

डिजिटल डेस्क, सागर। सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कार्यालय में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की सत्रहवी बैठक जिला कलेक्टर सह अध्यक्ष सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड श्री दीपक सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उक्त बैठक में सागर स्मार्ट सिटी द्वारा सागर शहर में विकसित की जाने वाली विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े डी पी आर एवं आर एफ पी प्रारूपों की समीक्षा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा कर सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। कोरोना महामारी को देखते हुए कुछ डायरेक्टर्स इस मीटिंग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मिलित हुए। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में निम्नांकित प्रस्तावित एजेंडों को शामिल कर निर्णय लिए गए नगरीय प्रसाशन एवं विकास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा दिये गये र्निदेशानुसार मकरोनिया नगर पालिका परिषद एवं केंट बोर्ड क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के पेन सिटी एरिया में शामिल कर आईटीएमएस प्रोजेक्ट अंर्तगत लिए गए तीन नए चौराहों परेड मंदिर जंक्शन, कबूलापुल जंक्शन, एवं मकरोनिया जंक्शन का अतिक्रमण हटा कर सुरक्षित व सुंदर बनाया जायेगा। स्वच्छ भारत मिशन अंर्तगत स्वच्छ सर्वेछण में शहर को अव्वल बनाने हेतु युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देश कलेक्टर श्री सिंह द्वारा दिये गए जिसके अंर्तगत मटेरियल रिकवरी फैसेलिटी सेंटर, सी एंड डी वेस्ट प्लांट जैसे प्रोजेक्टों पर तेजी से कार्य किये जाने का निर्णय लिया गया साथ ही स्वीपिंग मशीन, वायो डाइजेस्टर मशीन, फ्लोरल डाइजेस्टर मशीन, माड्यूलर एसटीपी निर्माण, इंसीनेटर एंड सेनेटरी पेड वेंडिंग मशीनों की व्यवस्था भी शहर में की जायेगी। शहर को स्वच्छ रखने के लिए जिला कलेक्टर ने दुकानों, रेस्टोरेंटों, होटलों आदि पर डस्टविन रखवाने एवं कचरा डस्टविन में ही डलवाने हेतु सख्त निर्देश देते हुए कहा की यदि किसी दुकान के आसपास कचरा पाया जाये तो उस दुकानदार को तत्काल अर्थदण्ड से दण्डित किया जाये। सागर शहर की तंग गलियों को देखते हुए यहां एक एडवांस स्मार्ट फायर फाइटिंग सिस्टम की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। जिसके अंर्तगत फायर फाइटिंग वाईक, फोमवेस्ड फायर फाइटिंग व्हीकल, वॅाटरवेस्ड फायर फाइटिंग व्हीकल की व्यवस्था की जायेगी। इन व्हीकल्स पर लगे जीपीएस सिस्टम से इनकी मानीटरिंग इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जा सकेगी एवं शहर में होने वाली आगजनी की छोटी-बड़ी घटनाओं को रोका जा सकेगा। रैनवॉटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट हेतु निर्णय लेते हुए निर्देश दिये गये की, स्मार्ट सिटी मिशन अंर्तगत लिया गया यह अच्छा प्रोजेक्ट है। इसके लिए ऐसे स्थलों का चयन करें जो लाखा बंजारा लेक केचमेंट एरिया के बाहर है। इसके लिए सीवीसी की गाईडलाइन का भी ध्यान रखें। आर्ट एण्ड कल्चर सेंटर तैयार करने की सैद्धांतिक स्वीकृति देते हुए कहा की स्मार्ट सिटी मिशन की स्मार्टनेश हेतु शहर की संस्कृति (आर्ट एंड कल्चर) को बढ़ावा देना अति आवश्यक है। सागर बुंदेलखण्ड की सांस्कृतिक विरासत वाला शहर है यहां भी आर्टस एंड कल्चर सेंटर तैयार किये जायें जहां सागर की पारंपरिक संस्कृति से लोगों को परिचित कराया जा सके। यहां के प्रसिद्ध बधाई नृत्य, बरेदी नृत्य जैसी अन्य विधाओं का प्रदर्शन किया जा सके। साथ ही यहां की स्वसहायता समूहों में कार्य कर पारंपरिक उत्पाद तैयार करने वाले कारिगरों, महिलाओं आदि को एक मंच दिया जा सके। जहां खादी ग्रामोद्योग, मृगनयनी, विंध्य हर्बल, देवश्री, सेरीकल्चर का प्रकृति आदि अन्य संस्थाओं को एक स्थान दिया जाये। केन्द्र सरकार के महत्वाकांछी अभियान टयूलिप इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत सागर स्मार्ट सिटी में जो प्रोजेक्ट चल रहे है उन से संबंधित विषय के छात्रध्छात्राओं को इंर्टनशिप हेतु चयनित करें ताकि छात्रों को नया सीखने मिले। उनकी स्किल और डेवलप हो साथ ही स्मार्ट सिटी को भी उनका फायदा मिले। इसके लिए मध्यप्रदेश के ऐसे एजुकेशनल संस्थानों से बात करें जहां आपकी आवश्यक्ता अनुसार विषयों के छात्रध्छात्रायें मिल सकें। उन्हे चयनित कर इंटर्नशिप करायें। इसके अलावा सी लॉन्ग प्रोजेक्ट, कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान, इंटीग्रेटेड स्पोर्ट कॉम्पलेक्स, स्टार्म वॉटर एण्ड ड्रेनेज सिस्टम, रीडेवलपमेंट ऑफ यूनिर्वसिटी रोड, ओल्ड आरटीओ कैंपस डेवलपमेंट, कनेरादेव केनाल वर्क आदि पर चर्चा करते हुए कहा गया की जिन प्रोजेक्ट्स में इन्वायमेंटल क्लीयरेंस की आवश्यकता है उनके अप्रूवल लें एवं जो भी बिल्डिंग निर्माण के कार्य है उनमें टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट एवं म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन से अप्रूवल करायें।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।