दैनिक भास्कर हिंदी: लोकतांत्रिक विरोध को हजम नही कर पा रहे मुख्यमंत्री : अजय सिंह

September 12th, 2018

डिजिटल डेस्क, सीधी। कांग्रेस के धावा बोल आंदोलन में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने कहा कि मुख्यमंत्री लोकतांत्रिक विरोध को हजम नही कर पा रहे हैं। उन पर पीठ पीछे वार करने का आरोप तो लगाते हैं किंतु जब वे विधानसभा में सीधे-सीधे अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं तो भाग खड़े होते हैं। जनआशीर्वाद यात्रा में विरोध हुआ तो सभाओं में कहीं भी उल्लेख नहीं किया और रात में जब सर्किट हाउस पहुंचे तो पत्थरबाजी के आरोप में हमारे 22 कार्यकर्ताओं को जेल भिजवा दिया।

पूजा पार्क में विशाल सभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पहली बार 1985 में जब विधायक बने और तो दाऊ साहब से आशीर्वाद लेने चण्डीगढ़ पहुंचे तो उन्होंने उनसे बात नहीं किया। अगले दिन उन्होंने कहा कि हम दुखी हैं। कारण बताया कि विधायक चुने जाने के बाद वे वोट न देने वालों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि आप चुरहट के विधायक हैं, इसमे कहीं द्वेष भावना नहीं होनी चाहिए। उनकी इस बात को मैने मन में रखी यही वजह है कि चुरहट विस से छ: बार लगातार विधायक रहा।

उन्होंने कहा कि राजनीति में चाहे मंत्री हों, विधायक या मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण के दौरान यह शपथ दिलाई जाती है कि बिना द्वेष भावना से जनता की सेवा करेंगे, लेकिन जब वे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पंगत में संगत कार्यक्रम के दौरान सीधी आये तो मुख्यमंत्री को यह कहते हुये सुना कि उनके वाहन पर पथराव के पीछे मेरी साजिश रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हिम्मत है तो सामने से लड़े मैंने तो पीछे से वार करने का संस्कार कभी नहीं सीखा है। वर्ष 2011 में पहला अविश्वास प्रस्ताव सदन में रखा, करीब ढाई घण्टे बहस के बाद मुख्यमंत्री जवाब नहीं दे सके वहीं दूसरी बार 2013 में फिर अविश्वास प्रस्ताव का जवाब नहीं मिला। इसके बाद 2018 में तीसरी बार अविश्वास प्रस्ताव जब रखा तो वे सदन की कार्यवाही स्थगित कर दिये। मुख्यमंत्री को चुनौती देता हूं कि हमारे द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देने की हिम्मत हो तो वे दें।  नेता प्रतिपक्ष ने इस दौरान मुख्यमंत्री को चुरहट से चुनाव लडऩे की खुली चुनौती भी दी।

मेरे वाहन में भी फेंके गये पत्थर
राहुल ने कहा कि कल सोमवार को मुरैना में प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के कार्यक्रम के दौरान हम लोगों के वाहन में भी पत्थर फेके गये एवं भाजपाइयों ने काले झण्डे दिखाये, लेकिन हम लोग रिपोर्ट दर्ज नहीं कराये। मुझे लगा कि भाजपाइयों को कुछ समस्या रही होगी इसलिए विरोध किया है। विरोध करना प्रजातंत्र में लोगों का अधिकार है ।

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