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वनाधिकार पट्टा वितरण कार्यक्रम के संबंध में कलेक्टर ने दिए अधिकारियों को निर्देश

December 14th, 2020 17:05 IST
वनाधिकार पट्टा वितरण कार्यक्रम के संबंध में कलेक्टर ने दिए अधिकारियों को निर्देश

डिजिटल डेस्क, सीहोर। कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने रविवार 13 दिसंबर को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के विभिन्न विभागों के प्रमुखों की बैठक ली। बैठक में 20 दिसंबर को प्रस्तावित मुख्य मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यक्रम के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। नसरुल्लागंज के ग्राम भिलाई में 20 दिसंबर को वनाधिकार पट्टों का वितरण किया जाएगा कलेक्टर श्री गुप्ता ने अनुविभागीय अधिकारी नसरुल्लागंज को कार्यक्रम स्थल पर सभी महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए जिसमें पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले ग्रामीण आदिवासियों को वितरित किए जाने वाले भोजन के पैकेट की गुणवत्ता की जांच के निर्देश भी अनुविभागीय अधिकारी को दिए। इसी प्रकार विद्युत विभाग के अधिकारी को कार्यक्रम स्थल पर बिजली की व्यवस्था आबकारी विभाग को मुख्यमंत्री श्री चौहान के भोजन ग्रीन हाउस आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जिला परिवहन अधिकारी को आसपास के क्षेत्रों से ग्रामीणों को लाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम स्थल पर चलित शौचालयों और मास्क की व्यवस्था करने के निर्देश संबंधितों को दिए। कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस से संबंधित विषयों पर कलेक्टर ने जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिलावटखोरों, सूदखोरों तथा विभिन्न प्रकार के माफियाओं के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही करें। जिले के समस्त विकासखंडो के मुख्य नगरपालिका अधिकारियो को कलेक्टर द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की तैयारी करते हुए अभी से अपने अपने क्षेत्र में साफ सफाई पर ध्यान देने के लिए कहा गया। उन्होंने समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को निर्देश दिए कि सभी अपने क्षेत्र की उचित मूल्य की दुकानों से जानकारी प्राप्त करें, जिन व्यक्तियों को पात्रता पर्ची जारी हो चुकी है पर वे फिर भी राशन लेने नहीं आते हैं ऐसी स्थिति में उनकी सूची तैयार कर दिसंबर के आखिरी सप्ताह में कलेक्टर के सम्मुख रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले सभी व्यक्तियों को आयुष्मान कार्ड बना कर दिए जाएं। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती गुंचा सनोबर,मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हर्ष सिंह सहित अन्य विभागों के विभाग प्रमुख उपस्थित थे।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।