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स्ट्रीट वेंडर्स को बैंक ऋण के लिए स्टाम्प ड्यूटी में छूट प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नवीन दिशा-निर्देशों को स्वीकृति

July 24th, 2020 10:30 IST
स्ट्रीट वेंडर्स को बैंक ऋण के लिए स्टाम्प ड्यूटी में छूट प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नवीन दिशा-निर्देशों को स्वीकृति

डिजिटल डेस्क, मन्दसौर। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने दिवंगत निरीक्षक श्री यशवंत पाल की पुत्री कु.फाल्गुनी पाल को विशेष प्रकरण मानकर उप निरीक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किये जाने तथा स्वं. निरीक्षक श्री देवेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी की पत्नी श्रीमती सुषमा चन्द्रवंशी को विशेष प्रकरण मानकर उप निरीक्षक (विशेष शाखा) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया। उद्यानिकी फसलों के लिए नवीन दिशा-निर्देशों को स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत उद्यानिकी फसलों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना को खरीफ 2020-21 से रबी 2022-23 की अवधि के लिए भारत सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में क्रियान्वयन की स्वीकृति प्रदान की। औद्योगिक इकाईयों को प्रोत्साहन मंत्रि-परिषद ने उद्योग संवर्धन नीति 2014 के अन्तर्गत परिधान क्षेत्र में रूपये 25 करोड़ से अधिक पूंजी निवेश की विनिर्माण इकाईयों को मेगा स्तर की औद्योगिक इकाई मान्य किये जाने संबंधी संशोधन को स्वीकृति प्रदान की। उल्लेखनीय है कि विनिर्माण क्षेत्र की अन्य परियोजनाओं में यंत्र एवं संयत्र में रूपये 100 करोड से अधिक पूंजी, निवेश करने वाली इकाईयों को मेगा स्तर की औद्योगिक इकाई का दर्जा प्राप्त है। मंत्रि-परिषद द्वारा उद्योग संवर्धन नीति, 2014 में संयंत्र एवं मशीनरी में रूपये 25 करोड़ के पूंजी निवेश की मेगा स्तर की निर्धारित विनिर्माण इकाईयों यथा: खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी, हर्बल व लघु वनोपज और आईटी परियोजनाओं मय परिधान क्षेत्र की विनिर्माण इकाईयों में "विस्तार/डायवर्सिफिकेशन" अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन सहायता का लाभ देने हेतु न्यूनतम पूंजी निवेश की सीमा रूपये 10 करोड़ के स्थान पर रूपये 5 करोड़ किये जाने का निर्णय लिया गया। स्ट्रीट वेंडर्स के लिए स्टाम्प ड्यूटी में छूट मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना और राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के स्ट्रीट वेंडर्स के लिए प्रारंभ ग्रामीण पथ व्यवसायी उत्थान योजना के अन्तर्गत बैंको से ऋण प्राप्त करने के लिये भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अन्तर्गत लगने वाला स्टाम्प शुल्क अधिकतम रूपये 50 करने का निर्णय लिया।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।