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 एक इंस्पेक्टर के भरोसे चल रहा है छतरपुर जिले का खाद्य सुरक्षा विभाग 

September 21st, 2019 13:31 IST
 एक इंस्पेक्टर के भरोसे चल रहा है छतरपुर जिले का खाद्य सुरक्षा विभाग 

डिजिटल डेस्क छतरपुर । बुंदेलखंड के कई जिलों में केन्द्र सरकार की टीम को मिल्क प्रोडक्ट में यूरिया मिलने के बाद राज्य सरकार ने जुलाई से मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। इस अभियान में खाद्य विभाग की टीम के 3 माहों में मिल्क प्रोडक्ट से जुड़े केवल 65 सेंपल जब्तकर कार्रवाई प्रस्तावित की है, मगर लैब द्वारा जांच रिपोर्ट न आने पर विभाग चालान कोर्ट में पेश नहीं कर पा आ रहा है। नतीजतन अब भी शहर में यूपी की ओर से नकली मावा बड़ी मात्रा में आ रहा है। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की कमान सिर्फ एक इंसपेक्टर के कंधे पर होने से मिलावट पर लगाम लगाना मुश्किल साबित हो रहा है। 
120 मिठाई दुकानें पंजीकृत 
बाजार में चांदी के वर्क में लिपटी मिठाईयां और मिल्क प्रोडक्ट से बनने वाली सामग्री हर ग्राहक की पहली पसंद बनी हुई है, इसमें सबसे ज्यादा खपत पनीर और खोवा की है। शहर में छोटी बड़ी रजिस्टर्ड 120 से अधिक मिठाई की दुकानें पजीकृत हैं, जो रोजाना सैकड़ों किलो मिठाई बेचती है। जो बाहर से आ रहे मावा से निर्मित हो रही है। इस मावे को ज्यादा दिन तक सडऩे से बचाने के लिए व्यापारी कई कैमीकल्स का प्रयोग कर रहे हैं, साथ ही कई पाउडर और अनाज का भी उपयोग इनमें हो रहा है। जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। भोपाल की लैब नहीं भेज रही जांच रिपोर्ट
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के अनुसार तीन माह में पूरे जिले से तकरीबन 65 सैम्पल जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया। मगर संभाग में एक ही प्रयोगशाला होने से सैम्पलों की जांच लंबित है, इस कारण विभाग को मिलावट के खिलाफ कार्रवाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर 3 सैम्पलों की जांच में एक सैम्पल की रिपोर्ट अमान्य होने पर विभाग ने न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया है। 
5 इंस्पेक्टर के पद स्वीकृत, लेकिन एक पदस्थ 
जिले में पांच फूड इंस्पेक्टर के पद स्वीकृत होने के बावजूद महज एक इंस्पेक्टर ही अभी तैनात है। क्षेत्रफल की दृष्टि से जिला बहुत बड़ा है, इस कारण सैम्पल जब्त करने में भी विभाग को परेशानी हो रही है। जिला अधिकारी ने बताया कि स्टाफ न होने से मौके पर उन्हें स्वयं कागजी कार्रवाई करनी होती है और न्यायनय से लेकर पेशी के भी कार्य होते है, इससे सैम्पल जब्ती के कार्य प्रभावित होते है। इतने बड़े अभियान में एक दिन में विभाग एक ही जगह सैम्पल जब्ती का कार्य कर पाता है। 
लगातार कार्रवाई कर रहे 
व्जुलाई माह से अब तक हमने 65 से अधिक  सैम्पल जब्त किए है, मगर सिर्फ तीन प्रोडक्ट की ही जांच रिपार्ट आई है, हम लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। 
-सुनील तिवारी,जिला खाद्य अधिकारी, छतरपुर
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।