दैनिक भास्कर हिंदी: मरम्मत के अभाव में वर्षों से बंद पड़ी हैं 13 नल जल योजना

March 8th, 2018

डिजिटल डेस्क  अनूपपुर । पानी की समस्या से जूझ रहे जिले के 53 सीमावर्ती ग्रामों में जहां विद्युत लाइन का विस्तार नहीं होने  तथा वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे इन ग्रामों में सौर ऊर्जा चलित पेयजल योजना के अंतर्गत पाइप लाइन विस्तार करते हुए इन ग्रामों में पेयजल की आपूर्ति किए जाने  के प्रयास शासन द्वारा किए गए थे । इन स्थानों पर सौर ऊर्जा चलित नल जल योजनाएं तो स्थापित कर दी गई लेकिन इनके क्षतिग्रस्त होने व तकनीकी खराबी आने के बाद मरम्मत के अभाव में यह योजनाएं महीनों से ठप्प पड़ी हुई हैं । संबंधित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग भी इस मामले पर कोई सुधार नहीं कर पा रहा है क्योंकि जिस  फर्म के द्वारा इसे स्थापित किया गया है उन्हें ही इसकी मरम्मत की जिम्मेवारी दी गई है । इस वजह से इन ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सौर ऊर्जा चलित पेयजल योजना का लाभ प्राप्त करने से वंचित हो रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यंात्रिकी विभाग द्वारा जिले के 53 ग्रामों में इस योजना के तहत सौर ऊर्जा से चलने वाली पेयजल योजना स्थापित की गई है। अनूपपुर विकासखंड के 8, जैतहरी विकासखंड के 13, कोतमा विकासखंड के 9 एवं पुष्पराजगढ़ विकासखंड के 23 ग्रामों में इसके तहत सोलर पंप चलित नल जल योजनाएं वर्ष 2014 में  स्थापित किए गए थे लेकिन स्थापित किए जाने के बाद विभिन्न कारणों से इनमें से कई योजनाएं सोलर पैनल के खराब हो जाने, पंप में गड़बड़ी सहित अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण बंद पड़े हैं । इनका सुधार किए जाने के लिए ग्रामीणों द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी जानकारियां दी जा चुकी हैं। फिर भी इनमें कोई सुधार नहीं किए जाने के कारण पेयजल की सप्लाई ठप्प पड़ी हुई है।
53 में से 13 पड़े ठप्प
विद्युत सुविधाओं से विहीन ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था किए जाने को लेकर प्रारंभ की गई इस योजना के तहत 6 लाख 40 हजार रुपए की लागत से प्रत्येक ग्राम पंचायत में इसके तहत पेयजल व्यवस्था के लिए इसकी स्थापना की गई थी । इसके अंतर्गत स्त्रोत निर्माण, सोलर पैनल स्थापना, सौर ऊर्जा चलित पंप, पंप हाउस सह स्वीच रूम, टंकी स्थापना, पाइप लाइन विस्तार व नल कनेक् शन किए गए थे । उपयोग के दौरान विभिन्न परेशानियों की वजह से आई खराबी के कारण यह बंद पड़े हैं। जिनमे से 13 नल जल योजनाएं तकनीकी खराबी होने की वजह से लगभग 1 वर्ष से बिगड़े पड़े हैं।
मरम्मत में आ रही परेशानी
सौर ऊर्जा चलित इन नल जल योजनाओं की स्थापना मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निमग भोपाल के द्वारा की गई थी। जिसके तहत इसमें होनी वाली खराबी व मरम्मत की जिम्मेदारी भी ऊर्जा विकास निगम को सौंपी गई है लेकिन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा इनमें खराबी आने के बाद यह कहकर पल्ला झाड़ा जा रहा है कि इनकी मरम्मत की जिम्मेदारी विभाग की नहीं है । दोनों विभागों के बीच समन्वय न होने के कारण यह नल जल योजनाए ठप्प पड़ी हुई हैं।
इनका कहना है
13 सौर ऊर्जा चलित नल जल योजनाएं तकनीकी खराबी की वजह से बंद पड़ी हुई हैं जिन्हें ठीक करने के लिए मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम से पत्राचार किया जा रहा है।
एचएस धुर्वे, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी