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कई परिवारों की जीवन भर की खुशियां छीन लीं बस हादसे ने -  मृतकों में मां-बेटा, पिता-पुत्री और पति-पत्नी

कई परिवारों की जीवन भर की खुशियां छीन लीं बस हादसे ने -  मृतकों में मां-बेटा, पिता-पुत्री और पति-पत्नी

डिजिटल डेस्क सीधी । हृदय विदारक हादसे में जान गंवाने वाले 51 लोगों में मां-बेटा, पिता-पुत्री, पति-पत्नी और चाचा-भतीजी शामिल हैं। मृतकों में पिंकी गुप्ता पति अनिल और उसका दो वर्षीय बेटा अथर्व कुमार, तपस्या पनिका और उसके पति अजय कुमार पनिका उर्फ राहुल, रामसुख साकेत और उनका बेटा अमरज्योति साकेत, अशोक कुमार तिवारी और उनकी पुत्री अंकिता तिवारी, विश्वनाथ यादव और उनकी पत्नी राजकली यादव, निमेष तिवारी और उनकी भतीजी प्रिया तिवारी के नाम शामिल हैं। इन घरों में जब एक साथ दो-दो लाशें पहुंचीं तो हर किसी की आंखें नम हो उठीं और आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
राजेन्द्र के कंधों पर थी परिवार की जिम्मेदारी
बस के क्लीनर रहे राजेन्द्र द्विवेदी के परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता की काफी समय पूर्व मृत्यु हो चुकी है, तो उनके दोनों भाई अलग-अलग रहते हैं। परिवार में पत्नी के अलावा 18 और 15 साल की दो बेटियां तथा 17 साल का बेटा है। सम्पत्ति के नाम पर बंटवारे में डेढ़ एकड़ जमीन और मकान है। राजेन्द्र अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, उनके जाने से पत्नी और बच्चों के सामने बड़ी मुसीबत आ खड़ी हुई है। मंगलवार शाम को जब एम्बुलेंस से शव गांव पहुंचा तो सबके आंसू छलक पड़े।
दादी के शुद्ध कार्यक्रम में बेटे व ससुर के साथ नागौद आ रही थी पिंकी
बस दुर्घटना में जान गंवाने वाली पिंकी गुप्ता का मायका नागौद कस्बे में है। वह दो साल के बेटे अथर्व और ससुर के साथ दादी के शुद्धताई कार्यक्र्रम में शामिल होने के लिए सतना आ रही थी। मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था। इस हादसे में पिंकी के साथ उसका बेटा भी काल के गाल में समा गया, तो ससुर की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं यह खबर मिलते ही पिंकी के मायके में कोहराम मच गया। किसी तरह खुद को सम्हालकर पिता मुन्ना गुप्ता अपने दो बेटों और रिश्तेदारों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गए थे। उन्होंने 6 वर्ष पूर्व बेटी की शादी रामपुर नैकिन निवासी अनिल के साथ की थी।
 

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