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अतिक्रमण हटाने गए नायब तहसीलदार व टीम पर पथराव -सीधी में प्रशासनिक अमले पर हमला

अतिक्रमण हटाने गए नायब तहसीलदार व टीम पर पथराव -सीधी में प्रशासनिक अमले पर हमला

डिजिटल डेस्क सीधी । अतिक्रमण हटाने गये नायब तहसीलदार और प्रशासनिक टीम पर शनिवार को पत्थरबाजी की गई है। इस दौरान न केवल जमकर हंगामा हुआ बल्कि अतिक्रमणकारियों द्वारा किये गये पथराव से जेसीबी मशीन के कांच टूट गए। 
जानकारी के अनुसार, शंकर दयाल शर्मा पिता रघुनाथ प्रसाद शर्मा निवासी बगैहा की कब्जे की भूमि में अतिक्रमण किया गया था, जिसके बाद बेदखली का आदेश पारित हुुआ। लेकिन शैलेन्द्र पाण्डेय, सुमंत पाण्डेय सहित इनके परिवार के लोगों द्वारा इस आदेश को नहीं माना गया। जिसके बाद कलेक्टर के निर्देशन में शनिवार को नायब तहसीलदार दीपेन्द्र सिंह तिवारी राजस्व व पुलिस बल के साथ 3.30 बजे बगैहा पहुंच गये। जैसे ही टीम जेसीबी मशीन को लेकर पहुंची तो शैलेन्द्र पाण्डेय, सुमंत पाण्डेय व अन्य 10-12 महिला व पुरुषों ने बाउण्ड्री के अंदर ही पथराव शुरू कर दिया ।
 इन लोगों ने जमकर उपद्रव किया 
बाउण्ड्री के अंदर से पत्थरबाजी होने के कारण इनको रोक पाना संभव नहीं दिख रहा था। जब पुलिसबल व राजस्व अमले द्वारा रोकने का प्रयास किया जाने लगा तो लाठी-डंडा भी उपद्रवियों ने उठा लिए। जेसीबी मशीन में जमकर पत्थरबाजी की गई जिसके कारण जेसीबी मशीन के पूरा कांच टूट गया। वहीं जेसीबी चालक को भी चोंटे आई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ डंडे पुलिसबल व राजस्व बल पर भी पड़े हैं। इस घटना की जानकारी मौजूद पुलिस बल ने थाना प्रभारी शेषमणि मिश्रा को दी गई तो तत्काल श्री मिश्रा द्वारा और पुलिसबल लेकर मौके पर पहुंचे और उपद्रवियों को पकड़ कर शांत कराया गया। जब उपद्रवी शांत हो गए तब सड़क का अतिक्रमण हटाने के बाद टीम वहां से वापस लौटी। गनीमत यह रही है कि मौजूद भीड़ ने नायब तहसीलदार दीपेन्द्र तिवारी को पीछे कर लिया जिससे उनको चोटे नही आई है।
इनका कहना है
* बेदखली के आदेश पारित होने के बाद भी अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा सड़क नहीं बनाने दी जा रही थी। जिसके बाद कलेक्टर के निर्देशन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। जहां अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा पत्थर से हमला बोल दिया गया। पुलिस बल द्वारा बीच बचाव किया गया। अतिक्रमण तो हटा दिया गया है। इन पर कार्रवाई क्या होती है यह वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करने के बाद ही तय किया जा सकेगा।
दीपेन्द्र सिंह तिवारी, नायब तहसीलदार
* अतिक्रमण हटवाने का पत्र प्राप्त हुआ था, जिसके बाद महिला व पुरूष पुलिस बल भेजा गया था। बाद में वहां उत्पातियों द्वारा पत्थरबाजी की गई है। स्थिति को पुलिसबल द्वारा नियंत्रित कर लिया गया है। पत्थरबाजों पर क्या कार्रवाई होती है इसका अभी तक नायब तहसीलदार के कोई भी निर्देश प्राप्त नहीं हुए। जैसे ही कोई निर्देश प्राप्त होता है तो तत्काल उपद्रवियों पर मामला पंजीबद्ध किया जायेगा।
शेषमणि मिश्रा, थाना प्रभारी जमोड़ी


 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।