दैनिक भास्कर हिंदी: चंद्रपुर से नहीं हटेगी शराबबंदी , राजस्व बचाने समझौता नहीं - जयंत पाटील

February 3rd, 2020

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर। राज्य के जलसंपदा मंत्री व राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील ने पत्र परिषद में चंद्रपुर की शराबबंदी पर अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि केवल राजस्व डूब रहा है, इसलिए चंद्रपुर की शराबबंदी हटाई नहीं जाएगी। केवल सरकार का राजस्व डूब रहा इसलिए शराबबंदी हटाओ इस विचार के हम विरुद्ध हैं। राकांपा के किसी भी नेता, पदाधिकारी या कार्यकर्ता ने अब तक शराबबंदी हटाने का निवेदन नहीं दिया है।

चंद्रपुर की शराबबंदी के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू करना महिलाओं की मांग थी। महिलाओं की उजड़ रही घर-गृहस्थी के मद्देनजर इसे लागू किया गया था। परंतु चंद्रपुर में इसके परिणाम कुछ और ही नजर आ रहे हैं, ऐसी शिकायतें लगातार मिल रही है। राकांपा छोड़ अन्य दलों के पदाधिकारियों ने हमें यह शराबबंदी हटाने के निवेदन बड़ी संख्या में दिये हैं। ऐेसे में चंद्रपुर के शराबबंदी की सफलता-विफलता व इसके प्रभाव-दुष्प्रभावों को जांचना अनिवार्य हो गया है। इसके लिए बनी समिति इसका अध्ययन करेगी। अध्ययन के बाद अगले कदम उठाए जाएंगे।  एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि यदि चंद्रपुर के पालकमंत्री ने इसके लिए समिति बना दी है तो इस समिति के निष्कर्षो का भी संज्ञान लिया जाएगा। 

हां, 5 साल टिकेगी सरकार
एक सवाल के जवाब में राकांपा प्रदेशाध्यक्ष पाटील ने दावा किया कि उनकी सरकार पांच साल जरूर टिकेगी। उन्होंने बताया कि तीनों पार्टियों ने मिल कर एक कॉमन मिनीमम प्रोग्राम बनाया है। संविधान के प्रिएंबल को प्राथमिकता देकर काम की प्रतिबद्धता है। लोग इसके अपने स्तर पर अलग मतलब निकालते हैं तो इसका कोई अर्थ नहीं है। तीनों दल समझदारी से काम कर रहे होने का दावा भी पाटील ने इस समय किया। 

सीएए-एनआरसी पर करेंगे विचार
राज्य ही नहीं देशभर में इसकी खिलाफत हो रही है। बड़े पैमाने पर अदालत में याचिकाएं भी दायर की गयी है। इसका अर्थ ही यह है कि इसमें कुछ न कुछ खामियां होंगी। परंतु महाराष्ट्र की सरकार अदालत के निर्णय पश्चात ही अपनी भूमिका इस मामले में स्पष्ट करेगी, अभी कुछ कह पाना जल्दबाजी होगी, ऐसा पाटील ने एक सवाल के जवाब में कहा।

 तय होंगे राकांपा जिलाध्यक्ष 
लंबे समय से रिक्त चंद्रपुर राकांपा जिलाध्यक्ष पद की नियुक्ति के लिए पाटील ने आज विस निहाय सभी पदाधिकारियो से राय ली। इस बीच बालासाहब सालुंखे, सुरेश रामगुंडे, बेबीताई उईके, राजेंद्र वैद्य, तुकाराम पवार, शशिकांत देशकर, मुनाज शेख जैसे 10  नाम इस पद के इच्छुकों में सामने आए। पाटील के साथ सांसद कुकड़े व पूर्व मंत्री बंग भी उपस्थित थे। इस समय उन्होंने कहा कि हम पार्टी का जिलाध्यक्ष लोगों की राय से चुनेंगे। 2-3 दिन में ही इसकी आधिकारिक घोषणा होगी। 

ह्यूमन प्रकल्प के लिए विकल्प बनाएं
सरकार विकास चाहती है। परंतु वन, वन्यजीव व पर्यावरण को भी उतना ही महत्व देती है। इसलिए चंद्रपुर जिले की आस्था का विषय बना ह्यूमन प्रकल्प के निर्माण में कई विकल्प बनाए हैं। हमें वनविभाग की अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा है। बाघ के कारिडोर के लिए विकल्प बनाए गए हैं। प्रकल्प में कम-अधिक करने को भी हम तैयार हैं। इससे 26 गांव विस्थापित होनेवाले हैं। सभी पहलुओं का ध्यान रखकर इस पर वनविभाग की अंतिम मंजूरी के बाद उचित निर्णय की भूमिका में सरकार होने का दावा भी पाटील ने इस समय किया।