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पटवारी से सांठगांठ कर डकार गए मुआवजा राशि - किसानों का आरोप

पटवारी से सांठगांठ कर डकार गए मुआवजा राशि - किसानों का आरोप

डिजिटल डेस्क सीधी। बहरी तहसील के अंतर्गत ग्राम जनकपुर में अधिग्रहित गुलाबसागर नहर परियोजना के लिये किये गये भू-अर्जन में कुछ भूमि स्वामियों की जमीन तो अधिग्रहित कर ली गई किंतु मुआवजा वास्तविक पट्टेदारों को न देकर अन्य को दे दिया गया है। प्रभावित भूमि स्वामियों का आरोप है कि हल्का पटवारी ने सांठ गांठ कर भूमि की मुआवजा राशि दूसरे के खाते में जमा करा दी है और इस संबंध में पटवारी से बात करने पर उसके द्वारा पट्टेदारों को डांट फटकार लगाई जाती है। जिससे परेशान भूमि स्वामियों ने कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देकर न्याय की अपील की है। बता दें कि बहरी तहसील अंतर्गत ग्राम जनकपुर में गुलाब सागर नहर परियोजना के तहत भू अर्जन कराये गये हैं जहां भूमि आराजी क्रमांक 40/ 0.116 हे. व 42/ 0.02 हे. के भूमि स्वामियों कन्हैयालाल, अशोक गुप्ता, सीता प्रसाद गुप्ता, चंद्रकिठुन गुप्ता तथा राजा प्रसाद गुप्ता समस्त के पिता भैयालाल गुप्ता की भूमियां वर्ष 2017 में अधिग्रहित करने के बाद नहर की खुदाई के कार्य भी करा लिये गये हैं। भू-अर्जन के पश्चात भूमियों की मुआवजा राशि माह अगस्त 2019 में भेजी गई जिसे हल्का पटवारी ने सांठ गांठ कर जिन उक्त पट्टेदारों को नोटिस जारी की गई थी उनके खाते न संलग्र कराकर अनावेदक के खाते को संलग्न कराकर राशि अनावेदक के खाते में भेजी गई है। लिहाजा वास्तविक भूमि स्वामियों को मुआवजा राशि न मिलने से उन्हें दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। 
4 लाख 68 हजार का मुआवजा
माह अगस्त 2019 में अनावेदक के बैंक खाते में भेजी गई राशि जानकारी के अनुसार 4 लाख 68 हजार बताई जा रही है जो ग्राम जनकपुर भूमि आराजी क्रमांक 40/0.116 व 42/ 0.024 हे. में से 35 डिस्मिल अधिग्रहण के एवज में भेजी गई है। जिसके पट्टेदार गुप्ता परिवार के सदस्य हैं। भू अर्जन के समय गुप्ता परिवार केा तहसील बहरी द्वारा नोटिस भी जारी की गई थी किंतु मुआवजा दिलाने में पटवारी ने भूमि के गलत दस्तावेज केा बैंक खाता नंबर भेजकर भूमि स्वामियों के विरूद्ध जालसाजी की है। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।