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आया प्री मानसून, अब झमाझम का बेसब्री से इंतजार

आया प्री मानसून, अब झमाझम का बेसब्री से इंतजार

 डिजिटल डेस्क छतरपुर । जिले में रविवार को अधिकांश स्थानों पर बारिश हुई। अनुमान था कि यह मानसून की पहली दस्तक है, लेकिन मौसम विभाग ने बताया कि यह प्री मानसून की बारिश है। मानसून तो 48 घंटे बाद जिले में दस्तक देगा और झमाझम बारिश होगी। इधर, प्री मानसून बारिश के दौरान ही शहर में कई स्थानों पर पानी भर गया इससे लोगों को परेशानी हुई। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने हवा के लो प्रेशर के आगे बढऩे के रविवार को बारिश खजुराहो से लेकर दतिया तक हुई। खजुराहो में 17 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
बंगाल की खाड़ी में हवा के कम दबाव से हुई बारिश, 48 घंटे में आएगा मानसून
रविवार को खजुराहो में जमकर बारिश हुई। इसके साथ ही छतरपुर और आसपास के क्षेत्र में भी लगभग एक सेमी बारिश हुई है। शनिवार और रविवार को बारिश होने के बाद लोग अनुमान लगा रहे थे कि जिले में मानसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन मौसम विभाग ने इसे प्री मानसून बारिश बताया है। मौसम विज्ञान केंद्र ग्वालियर में पदस्थ मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में हवा के कम दबाव के आगे बढऩेे से रविवार को बारिश हुई है। उन्होंने बताया कि खजुराहो से लेकर दतिया तक इसका असर देखा गया है। मौसम वैज्ञानिक उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। जिस तरह से हवाओं की गति है। अगर यही रफ्तार रही तो बुंदेलखंड में आगामी 48 घंटे में मानसून दस्तक दे जाएगा।
खजुराहो में 17.6 मिमी बारिश दर्ज, एक जैसे रहे दिन व रात के तापमान
मौसम विभाग खजुराहो में पदस्थ एनएस बघेल ने बताया कि खजुराहो में रविवार को 17.6 मिमी बारिश दर्ज हुई। दिन में हुई बारिश के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को जहां दिन का तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस था, वहीं रविवार को गिरकर 37 डिग्री दर्ज किया गया। रात के तापमान में कोई खास अंतर नहीं आया है। शुक्रवार की रात जहां तापमान 28 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शनिवार को मामूली बढ़त के साथ 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग खजुराहो में पदस्थ एनएस बघेल ने बताया कि पश्चिमी मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। अनुमान है कि आने वाले 48 घंटे में संपूर्ण बुंदेलखंड में मानसून पहुंच जाएगा और मंगलवार को अच्छी बारिश की संभावना है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।