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रायगढ़ : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में नहीं चलेगी लापरवाही-कलेक्टर श्री भीम सिंह

November 18th, 2020 16:30 IST
रायगढ़ : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में नहीं चलेगी लापरवाही-कलेक्टर श्री भीम सिंह

डिजिटल डेस्क, रायगढ़। जवाफूल की खेती को बढ़ावा देने गठित 05 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को 15-15 लाख रुपये की मिलेगी राशि कलेक्टर श्री भीम सिंह ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक ली। उन्होंने पिछले बैठक में कुछ किसानों के चालान की राशि गलत हेड में जाने के कारण राशि बीमा कंपनी को नहीं मिल पायी है अत: उसे सही हेड में ट्रंासफर करवाने के लिये लीड बैंक मैनेजर को निर्देशित किया था। उक्त कार्य पूर्ण नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुये संबंधित बैंक अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही के लिये निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि यह किसानों के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है इसके क्रियान्यवन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। बैठक में सारंगढ़ क्षेत्र के कुछ पात्र किसानों के क्लेम सेटल नहीं हो पाने पर उन्होंने लीड बैंक मैनेजर को निर्देशित किया कि संबंधित बैंकों से समन्वय कर किसानों का दावा भुगतान करवाये। उन्होंने बैठक में दावा भुगतान के सत्यापन के भी निर्देश दिये। साथ ही किसानों से प्राप्त शिकायतों का समुचित निराकरण करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जवाफूल की खेती को बढ़ावा देने के लिये गठित 5 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) को आर्थिक सहयोग के रूप में डीएमएफ मद से प्रति एफपीओ 15 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी। जिसका उपयोग जवाफूल की खेती के साथ ही उसकी मार्केटिंग में उपयोग की जायेगी। यह राशि बिना ब्याज के ऋण के रूप में एफपीओ को उपलब्ध करवायी जायेगी। बैठक में उन्होंने गोधन न्याय योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि गौठानों में खाद निर्माण करवाना कृषि विभाग का कार्य है अत: इसकी अच्छे से मॉनिटरिंग करें तथा गौठानों में वर्मी पिट तथा अन्य निर्माण कार्यों का फीडबैक भी दें। जहां वर्मी टांको तथा वर्मी बेड की आवश्यकता है उसकी जानकारी प्रदान करें। उन्होंने प्रत्येक गौठान से किस दिनांक तक का खरीदा गोबर वर्मी पिट में डाल दिया गया है इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश उप संचालक कृषि को दिये। इस दौरान उप संचालक कृषि श्री एल.एम.भगत सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।