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राजगढ़: मध्यप्रदेश के रोजगार सेतु पोर्टल का भारत सरकार के उन्नति पोर्टल से समन्वय, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए बड़ी पहल

January 09th, 2021 17:26 IST
राजगढ़: मध्यप्रदेश के रोजगार सेतु पोर्टल का भारत सरकार के उन्नति पोर्टल से समन्वय, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए बड़ी पहल

डिजिटल डेस्क, राजगढ़। राजगढ़ कोविड 19 लॉकडाउन के दौरान अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश में वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर प्रारंभ किये गये ‘‘रोजगार सेतु पोर्टल’’ की नीति आयोग, भारत सरकार ने सराहना करते हुए निर्णय लिया है कि नीति आयोग भारत सरकार द्वारा बेरोजगारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ किये गये ‘‘उन्नति पोर्टल’’ से ‘‘रोजगार सेतु पोर्टल’’ को जोड़ा जाए। इससे मध्यप्रदेश के सभी श्रेणी के बेरोजगारों को रोजगार नियोजन के लिए अधिक अवसर प्राप्त हो सकेंगे। भारत सरकार के उन्नति पोर्टल से प्रदेश के रोजगार सेतु पोर्टल के जुड़ने से प्रदेश के बेरोजगार उन्नति पोर्टल की सुविधाओं का लाभ भी ले सकेंगे। उन्नति पोर्टल की लिंक https://unnati.gov.in रोजगार सेतु पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। उन्नति पोर्टल नवीन तकनीक से लैस अपेक्षा एवं योग्यतानुसार रोजगार मुहैया कराने के लिए भारत सरकार द्वारा बनाया गया एक जॉब पोर्टल है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (ए.आई) एवं अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए कोई भी व्यक्ति सरलता से अपने पसंदीदा स्थान एवं उद्योग और कौशल के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने वाले नियोक्ताओं, रोजगार प्रदाताओं से भारत में कहीं भी सम्पर्क कर सकता है। पोर्टल कम शब्दों का उपयोग करते हुए दृश्य-श्रव्य माध्यम से 09 भाषाओं में रोजगार इच्छुक और रोजगार प्रदाताओं के मध्य जीवंत संपर्क का प्लेटफार्म उपलब्ध कराता है, जिससे प्रदेश की भौगोलिक सीमाओं के परे भी व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण नियोजन प्राप्त हो सकेगा। उन्नति पोर्टल एंड्रॉईड ऐप https://play.google.com/store/apps/details एवं वेब पोर्टल https://jobseeker.unnati.gov.in के माध्यम से कार्य करेगा, जिस पर मात्र 01 मिनिट में रोजगार इच्छुक व रोजगार प्रदाता पंजीयन करा सकेंगे और अपनी आवश्यकताओं के अनुसार पूर्ति कर सकेंगे। पोर्टल पर अनेक प्रतिष्ठित बड़ी, मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म कंपनियों में रोजगार सृजन हो सकेंगे। अत: बेरोजगार आवेदक अधिक जानकारी के लिए जिला श्रम अधिकारी एवं जिला रोजगार अधिकारी से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।