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राजनांदगांव : एक श्रेष्ठ शिक्षक में स्वप्रेरणा की भावना होनी चाहिए - हेमंत उपाध्याय

July 22nd, 2020 18:19 IST
राजनांदगांव : एक श्रेष्ठ शिक्षक में स्वप्रेरणा की भावना होनी चाहिए - हेमंत उपाध्याय

डिजिटल डेस्क, राजनांदगांव। छुईखदान में पढई तुंहर दुआर के शिक्षकों की ऑनलाइन अनुभव श्रृंखला का आयोजन राजनांदगांव 21 जुलाई 2020 शिक्षकों की ऑनलाइन अनुभव श्रृंखला का शुभारंभ राजनंदगांव जिला के छुईखदान ब्लॉक में 17 जुलाई 2020 को शिक्षकों ने स्वयं की प्रेरणा से, शिक्षकों को आने वाली ऑनलाइन समस्याओं का समाधान करने के लिए सफलतापूर्वक आयोजित किया। यह कार्यक्रम जिले के छुईखदान ब्लाक के चार शिक्षकों श्रीमती शिवांगी पसीने, श्री ओगेश्वर प्रसाद साहू, हंस कुमार मिश्रा, विकास कुमार अरोरा ने स्वप्रेरणा से शुरू किया जिसका शुभारंभ शिक्षिका श्रीमती शिवांगी पसीने ने ऑनलाइन होस्ट करते हुए किया। मुख्य अतिथि के रुप में जिला शिक्षा अधिकारी श्री हेमंत उपाध्याय, विशेष अतिथि डीएमसी श्री भूपेश साहू, विकासखंड शिक्षा अधिकारी छुईखदान श्री एचडी कोसरे, बीआरसीसी श्री सुजीत चौहान, ब्लॉक नोडल अधिकारी श्री गिरेंद्र सुधाकर, श्रीमती वंदना मिश्रा एबीईओ सम्मिलित हुए। ब्लॉक के एक शिक्षक हंस कुमार मिश्रा ने अपना अनुभव साझा किया कि पहले हमकों पालकों को पढ़ाना होगा पालकों को पढ़ाई के प्रति समझाना होगा तभी हमें पढ़ाई तुंहर दुआर अभियान में सफलता प्राप्त होगी। शिक्षक श्री योगेश्वर प्रसाद साहू ने बताया कि जब मैंने आनलाईन क्लास स्टार्ट की तो प्रारंभ में दो-तीन बच्चे मेरे क्लास में जुड़े, लेकिन मैंने धीरे-धीरे कदम बढ़ाता रहा और आज मेरे यहां कक्षा पॉचवी के सभी बच्चे ऑनलाइन क्लास में जुड़ रहे हैं और उसमें पालको का पूर्ण सहयोग बना हुआ है। जिला मिशन समन्वयक राजनांदगॉव भूपेश साहू ने आव्हान किया कि पहले शिक्षक को प्रेरित होना होगा, किसी भी स्थिति में बच्चों के पढ़ाई के स्तर में गुणवत्ता में वृद्धि करनी है जिसके लिए हमें सभी कठिनाईयों का सामना करते हुए आगे बढऩा होगा। डीएमसी श्री भूपेश साहू द्वारा बहुत से शिक्षक साथियों के प्रश्नों का जवाब भी दिया गया। मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी श्री हेमंत उपाध्याय ने शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप सभी अपडेट रहें एवं सेल्फ डेव्लपमेन्ट करते रहें। दुनिया में हो रहे नवाचार से अनजान न रहें क्योंकि एक श्रेष्ठ शिक्षक में सदैव स्वप्रेरणा की भावना होनी चाहिए। एक शिक्षिका का सवाल था कि एक समय पर सभी बच्चों का जोडऩा संभव नहीं है तो इसलिए हम पढ़ाई नहीं करा पाते हैं। अनुभव श्रृंखला में उपस्थित अन्य शिक्षकों द्वारा इसका यह समाधान निकाला गया कि बच्चे एक समय पर नहीं जुड़ पाते लेकिन जो बच्चे जुड़ रहे हैं उनके माध्यम से अन्य बच्चों तक शिक्षा पहुंचायी जा सकती है। व्हाट्सएप में थोड़ी मेहनत करते हुए शिक्षक वीडियो बना ले और जो गतिविधियां उनके द्वारा बच्चों को बतलाई या पढ़ाई गई है जो गृहकार्य बच्चों को दिया गया है वह सभी व्हाट्सएप में 4 से 5 मिनट का वीडियो बनाकर भेज दें ताकि जब उनके पालक आए तो वह अपना वीडियो दिखा कर बच्चों को पढ़ा सकते हैं। श्रीमती शिवांगी पसीने ने सुझाव दिया कि विषय मित्र लर्निंग फ्रॉम होम के माध्यम से भी हम पढ़ाई तुंहर दुआर को सफल बना सकते हैं और आसपास के बड़े बच्चों की मदद लेकर कार्य को सरलता से किया जा सकता है। वही ब्लॉक नोडल अधिकारी श्री गिरेंद्र सुधाकर ने बताया कि हमारा उद्देश्य है बच्चों को शिक्षा देना, जब हम ऑनलाइन क्लास लें तब हमारी शाला के अलावा यदि अन्य शाला और क्षेत्र के बच्चे जुड़ते हैं तो उन्हें भी शिक्षा प्रदान करना है किन्तु सबसे पहले शिक्षक को रुचिकर होना होगा तभी बच्चे रुचिकर होंगे। क्योकि शिक्षक से ही बच्चे प्रेरणा लेते हैं शिक्षक कार्य को करने में नीरस दिखाई देंगे तो बच्चों को कैसे प्रेरणा देंगे। बहुत सारे शिक्षक साथियों ने अपनी समस्याएं रखी अपने अनुभवों को शेयर किया और समस्याओं का समाधान प्राप्त किया। बीआरसी श्री सुजीत चौहान ने कहा कि जब हमारे पास इतनी क्रियाशील ऊर्जावान शिक्षक हमारे साथ हैं जो स्वप्रेरणा से हमारे लिए कार्य कर रहे हैं तो आप शिक्षकों को भी इन शिक्षकों से प्रेरणा लेकर कार्य को सफल और क्रियान्वयन बनाने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करना चाहिए। एबीईओ श्रीमती वंदना मिश्रा ने कहा कि हमें गर्व है कि हमारे शिक्षक इतनी क्रियाशील ऊर्जावान है कि वह स्वयं से ही अपने साथियों की समस्याओं को समझ कर समाधान निकालने के लिए स्वप्रेरणा से कार्य के लिए तत्पर रहते हैं। इस कार्यक्रम की उपयोगिता को देखते हुए यह कार्यक्रम राजनंदगांव जिले के सभी 9 ब्लॉकों में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। क्रमांक 109-उषा किरण

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