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 रोहतगी, ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स सुलझाएगा शराब ठेकेदारों की समस्याएं -  सरकार

 रोहतगी, ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स सुलझाएगा शराब ठेकेदारों की समस्याएं -  सरकार

शराब ठेकों से संबंधित मामले पर सरकार ने पंजाब हाईकोर्ट के एक फैसले का अध्ययन करने लिया समय, सुनवाई अब 27 मई को
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
प्रदेश की हजारों करोड़ रूपए की शराब दुकानों का टेण्डर फिर से कराने को लेकर दायर याचिकाओं पर हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ठेकेदारों की ओर से सुको के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पैरवी करते हुए चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ को बताया कि उनके मुवक्किल ठेके की इस व्यवस्था से बाहर निकलना चाहते हैं। वे टेण्डर के समय तय हुईं पुरानी दरों का भुगतान नई शर्तों के साथ नहीं कर सकते हैं। वहीं सरकार की ओर से महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव का कहना था कि ठेकेदारों की समस्याओं को सुलझाने की जिम्मेदारी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स को सौंपी गई है। सुनवाई के दौरान शराब दुकानों के ठेके को लेकर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एक फैसले का जिक्र आने पर युगलपीठ ने उसका परीक्षण करने के लिए सरकार को समय देकर मामलों की अगली सुनवाई 27 मई को निर्धारित की है।
प्रदेश के कुल 37 शराब ठेकेदारों की ओर से दायर इन याचिकाओं में कहा गया है कि बीते फरवरी माह में शराब दुकानों की टेण्डर प्रक्रिया जारी हुई थी। उसे अंतिम दिए जाने से पहले ही पूरे देश में लॉकडाउन घोषित हो गया। इधर मध्य प्रदेश में भी सरकार और परिस्थितियों में हुए बदलाव का हवाला देकर याचिकाकर्ता शराब ठेकेदारों ने हाईकोर्ट से प्रार्थना की है कि सरकार या तो उनसे ली गई राशि को लौटाकर फिर से टेण्डर कराए या फिर उनसे ली गई बिड की राशि सरकार द्वारा घटाई जाए। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रोहतगी, वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट शराब ठेके से संबंधित ऐसे ही एक मामले पर दिए फैसले का हवाला देकर कहा कि टेण्डर के बाद बदली हुईं शर्तों को अदालत ने खारिज कर दिया गया था। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से उक्त फैसले का परीक्षण करने समय मांगा गया, जो युगलपीठ ने प्रदान किया। 
नई शराब नीति के मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई टली
वहीं राज्य के चार महानगरों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा बीते फरवरी माह में बनाई गई नई शराब नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई 17 जून तक के लिए मुलतवी कर दी है। मंगलवार को चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बैंच ने याचिकाकर्ता के पैरोकार को कहा है कि वे मप्र विदेशी शराब नियम 1996 और उससे संबंधित हाईकोर्ट के फुल बैंच के फैसले की प्रति शासन के पैरोकार को उपलब्ध कराएं। सतना के व्यापारी जगदीश प्रसाद प्रजापति व रीवा के भारत भूषण तिवारी की ओर से दायर इस याचिका में आरोप है कि सरकार प्रदेश में शराब बेचने वाले छोटे ठेकेदारों को खत्म करके पूरा ठेका बड़े ग्रुपों को देना चाहती है, ताकि वे मनमानी कीमतों पर शराब बेच सकें। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संजय वर्मा पैरवी कर रहे हैं।
 

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