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 बेटे का नहीं मिला शव तो पिता ने पुतला बनाकर किया दाह संस्कार

September 10th, 2020 18:29 IST
 बेटे का नहीं मिला शव तो पिता ने पुतला बनाकर किया दाह संस्कार

29 जून को हुई थी अजीत गौतम की हत्या, आरोपी पकड़े गये पर नहीं मिली लाश
डिजिटल डेस्क सीधी।
शहर के समीपी गांव पडऱा निवासी अजीत गौतम की दो माह पूर्व हुई हत्या के बाद हत्यारों को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है किन्तु शव की बरामदगी नहीं हो सकी है। पुलिस और परिजनों द्वारा लगातार की जा रही खोजबीन के बाद जब शव नहीं मिला तो मृतक के पिता ने बेटे का पुतला बनाकर अंतिम संस्कार की क्रिया कर डाली। 
बता दें कि पडऱा निवासी अजीत गौतम व बलिकरण साकेत की पत्नी रानी साकेत के साथ शौंच जाने के दौरान बाद-विवाद हुआ था। इसी विवाद को लेकर 29 जून 2020 को बलिकरण साकेत अपने भाई लखन उर्फ राकेश साकेत पिता मंगल साकेत 19 वर्ष को फोन करके बुलाया तथा बलिकरण साकेत का भांजा अभय साकेत उर्फ छोटू पिता संतलाल साकेत 19 वर्ष निवासी कोठार तीनो ने एक राय होकर जान से मारने की नियत से अजीत गौतम की लाठी डंडा से मारपीट किये और जब अजीत गौतम भागने लगे तो उसका पीछा करके आरोपियों ने हांथ मुक्का तथा पत्थर से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद अजीत की लाश को ले जाकर चुरहट के कोलदहा सोन नदी पुल के ऊपर से पानी में फेंक दिया। पुलिस ने बीते 3 सितम्बर को हत्या का खुलासा तो कर दिया किन्तु घटना में प्रयुक्त लाठी, डंडे व आटो की जब्ती के अलावा शव बरामद नहीं किया जा सका है। बताया जाता है कि हत्या की घटना के खुलासे के बाद पुलिस और मृतक के परिजन शव की खोज करते रहे लेकिन नदी में फेका गया शव बरामद नहीं हो सका है। हत्या की घटना के करीब दो महीने से ज्यादा का समय गुजर जाने के बाद मृतक अजीत गौतम के पिता दिवाकर गौतम ने बेटे का शव बरामद न होने के बाद पुतला बनाकर हिन्दू रीति-रिवाज के तहत अंतिम संस्कार कर दिया है। 
जमोड़ी थाने में पिता ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी 
गुमशुदा अजीत गौतम के पिता दिवाकर गौतम ने जमोड़ी थाना पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। श्री गौतम ने बताया कि 29 जून को अजीत शौंच के लिए चमरान बस्ती पडऱा नाला की तरफ गया था तब से वह घर नही लौटा था। उसका मोबाईल भी लगातार बंद आ रहा था। गुमशुदा अजीत गौतम 24 मार्च को भी घर में बिना बताये चला गया था। जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट जमोड़ी थाने में दर्ज कराई गई थी। बाद में अजीत गौतम अपने घर आ गया था। शौंच क्रिया के संबंध में बलिकरण साकेत व उसकी पत्नी के साथ मामूली विवाद हुआ था। जिसके पश्चात बलिकरण साकेत द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई और यह भी कहा था कि अगर हमारे बस्ती की तरफ शौंच क्रिया करने आये तो हांथ पैर काटकर यहीं जिंदा दफना देगें। इसके  पश्चात बलिकरण साकेत द्वारा मामले की शिकायत अजाक थाने में दर्ज कराई गई थी। ग्रामीणों की समझाईस के बाद मामले में समझौता हो गया था। 
विवाद से खुली थी पोल
घटना के कुछ दिनो बाद बलिकरण साकेत व पड़ोसी से बाद-विवाद होने लगा तो मंगल साकेत की बहन जो उनकी रिश्तेदार है के साथ झगड़ा होने लगा तो मंगल साकेत की बहन ने जोर-जोर से यह कहा जा रहा था कि तुम लोग दिवाकर पंडित के लड़के को मारकर टैम्पो में लादकर उसके शरीर को ठिकाने लगाने हेतु ले गए हो अगर इस बात की जानकारी मैं दिवाकर पंडि़त से बता दूं तो तुम लोग जिदंगी भर जेल में चक्की पीसोगी। इस लड़ाई को सुनकर हनुमान गौतम व रामसिया विश्वकर्मा की पत्नी ने दिवाकर गौतम से बात बताई गई। उक्त बात की जनकारी जमोड़ी थाना पुलिस को दी गई जहां पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद हत्या का खुलासा किया था। 

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