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सभी कैदियों का स्वैब टेस्ट जरूरी नहीं, जेल प्रशासन ने हाइकोर्ट को दी जानकारी

सभी कैदियों का स्वैब टेस्ट जरूरी नहीं, जेल प्रशासन ने हाइकोर्ट को दी जानकारी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को सूचित किया है कि इंडियन कॉउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की ओर से हाल ही में जारी दिशा-निर्देशों के तहत जेल में बंद सभी कैदियों का कोरोना की जांच के लिए स्वैब टेस्ट जरूरी नहीं है। जेल महानिरीक्षक ने एक रिपोर्ट दायर कर हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक जेल में 2082 कैदियों की स्क्रीनिंग हो चुकी हैं। 

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आर्थर रोड जेल में कोरोना संक्रमित पाए कैदियों की तबियत सुधर रही हैं।  आर्थर रोड जेल में पाए गए 158 कोरोना संक्रमित में अब सिर्फ 60 कोरोना संक्रमित है। बाकी ठीक हो गए हैं। इसके अलावा कोरोना बाधित कैदियों के स्वास्थ्य की जानकारी उनके परिजनों को दी जा रही हैं। कैदियों को फोन पर वीडियो कॉल की सुविधा के लिए अतिरिक्त स्मार्ट फोन खरीदने की प्रक्रिया जारी है।

कैदियों के मनीऑर्डर को लेकर जल्द ही जेल प्रशासन की वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। गौरतलब है कि जेल महानिरीक्षक ने यह रिपोर्ट हाईकोर्ट की ओर से पीपल यूनियन ऑफ सिविल लिबर्टी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिए गए निर्देश के तहत दायर की है। 

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