शिक्षक द्वारा की गई धोखाधड़ी की एसपी से हुई शिकायत: फिक्स डिपाजिट के नाम पर शिक्षक ने लिए पांच लाख रूपए

October 7th, 2021


डिजिटल डेस्क सीधी। मुआवजे की रकम को फिक्स कराने और पांच वर्ष में दोगुना हो जाने की लालच देकर पांच लाख रूपये लेने वाला शिक्षक अब मुकर रहा है। इस दौरान न तो राशि दोगुनी हुई और न ही लिए गए पैसे वापस हो सके हैं। अब तो शिक्षक सीधे-सीधे राशि न लेने की बात करने लगा है।
जिले के पुलिस चौकी मड़वास अंतर्गत ग्राम भुमका निवासी देव शरण सिंह पिता स्व. मनोहर सिंह गोंड़ ने गत 1 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक सीधी के पास लिखित शिकायत कर आरोप लगाया है कि शिकायतकर्ता की जमीन आयरन पावर कोल्स लिमिटेड में फंस गई थी जिसमें उसके पिता को 7 लाख मुआवजा के तौर पर मिले थे। ग्राम पंचायत के ही एजेंट रोहणी प्रसाद मिश्रा शिक्षक द्वारा शिकायतकर्ता के पिता को विश्वास में लेकर वर्ष 2013 में कुल 5 लाख नगद ले लिया जिसमें पिता के नाम 3 लाख तथा उसके व माता के नाम एक-एक की आरडी-एफडी करने की बात किया था तथा 5 वर्ष बाद दुगना करने की बात कहा था। 28 जून 2013 को रसीद क्रमांक 13 2870 देव शरण सिंह तनय  मनोहर सिंह के नाम 42000 की रसीद दी गई तथा दिनांक 13 अप्रैल 2013 को रसीद क्रमांक 132835 मनोहर सिंह तनय राम साह सिंह के नाम 30,000 की रसीद दी गई तथा 7 जून 2013 को मनोहर सिंह के नाम रसीद क्रमांक 132889 राशि 42000  की रसीद प्रदान की गई तथा शेष राशि साईं प्रकाश प्रॉपर्टी में फिक्स कर दिया गया। आगे आरोप है कि आरोपी शिक्षक से फिक्स डिपाजिट बांड  की बात जब की जाती तो कहता था कि आजकल पैसा दे देंगे इस तरह कहते-कहते 5 वर्ष बीत गए और पैसा नहीं मिला। 2018 से आज तक लगातार आरोपी के घर जाकर पैसे की मांग की जाती थी किंतु पैसा नहीं दिया बल्कि फरवरी 2021 में शिकायतकर्ता के पिता को पैसा देने से मना कर दिया और बोला कि आपके द्वारा हमें ना तो पैसा दिया गया है और ना ही इतनी मोटी रकम देने की आपके पास औकात ही है वहीं मां-बहन की गंदी-गंदी गाली देकर भगा दिया। इस घटना से मानसिक आघात पहुंचने पर शिकायतकर्ता के पिता की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि पैसा जब दिया गया था उस समय धनुषपाल सिंह तनय भैयालाल सिंह गोंड़ व रघुराज सिंह तनय सुखदेव सिंह मौजूद थे। मामले को लेकर पहले पुलिस चौकी मड़वास में शिकायत की गई थी लेकिन कार्यवाही न होने पर पुलिस अधीक्षक सीधी के पास शिकायत कर मांग की गई है कि आरोपी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर 5 लाख रुपए वापस कराया जाए।

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