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कथित पति ने की थी महिला की गला घोंटकर हत्या - आरोपी को भेजा जेल

कथित पति ने की थी महिला की गला घोंटकर हत्या - आरोपी को भेजा जेल

 डिजिटल डेस्क सीधी। शहर के संजय गांधी महाविद्यालय परिसर में गत दिवस फेंकी गई महिला की लाश का पुलिस द्वारा शिनाख्त करने के दो दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया गया है। महिला की हत्या उसके कथित पति द्वारा की गई थी और लाश कालेज परिसर के बाउण्ड्रीवाल के समीप फेंक दी गई थी। पुलिस ने आज शुक्रवार को इस अंधी हत्या का पर्दाफाश कर दिया है। दोनों में खाना बनाने को लेकर विवाद हुआ था जिससे आक्रोशित होकर आरोपी ने घटना को अंजाम दिया ।
संजय गांधी कालेज के पास मिला था शव
ज्ञात हो कि गत 29 सितम्बर को सुबह मधुरी रोड में संजय गांधी कालेज के बाउण्ड्रीवाल के समीप एक अज्ञात महिला का शव मिला था, जिसकी पहचान 1 अक्टूबर को मृतिका के भाई दीपक सिंह निवासी ग्राम चौफाल पवाई एवं उसके परिजनों ने पूजा सिंह गोड़ पति अशोक सिंह गोंड़ निवासी ग्राम गिजवार थाना मझौली के रूप मे की थी। मृतिका की मृत्यु अज्ञात आरोपी व्दारा गला घोंट कर की गई थी एवं पहचान छुपाने के लिये शव को संजय गांधी कालेज की बाउंड्री के पीछे फेंक दिया था।  आज शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली कि पूजा सिंह गोंड की हत्या विजय सिंह मरावी पिता गेंदलाल सिंह मराबी उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम पोखरा झोलू टोला थाना बहरी जिला सीधी ने की है। आरोपी अभी अपनी बहन राजकली गोंड़ निवासी ग्राम पडऱी थाना बहरी मे रुका हुआ है। मुखबिर की सूचना पर आरोपी विजय सिंह को हिरासत मे लेकर थाना लाया गया। थाने में संदिग्ध आरोपी विजय सिंह गोंड़ से पूंछतांछ की गई तो उसने महिला का हत्या करना स्वीकार कर लिया। 
गमछे से गला दबाकर की थी हत्या
पुलिस के अनुसार मृतिका पूजा सिंह गोंड़ आरोपी के साथ पति-पत्नि के रूप मे शहर के उत्तर करौंदिया निवासी राजा नाऊ के घर में किराये सेरहती थी। गत 28 सितम्बर की रात को पति पत्नि के बीच आपस मे खाना बनाने एवं पूजा सिंह व्दारा आरोपी विजय सिंह गोंड़ के चरित्र को लेकर विवाद हुआ।आरोपी  व्दारा रात के 12.30 बजे अपने गमछे से मृतिका पूजा सिंह की गले को इतना कसा कि उसकी मौत हो गई। आरोपी ने हत्या करने के बाद लाश छुपाने के लिये रात मे ही मृतिका के शव को कंधे पर लादकर संजय गांधी कालेज के बाउंड्री के अंदर फेंक दिया था और कमरे में ताला लगाकर फरार हो गया था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।