दैनिक भास्कर हिंदी: गांवों में नुकसान पहुंचा रहा हाथियों का झुण्ड, किसान पर बोला हमला

September 1st, 2018

डिजिटल डेस्क, सीधी। छत्तीसगढ़ से आया हाथियों का झुण्ड ग्राम माटा से होकर खड्डी के समीप बरौं गांव पहुंच गया है। इस दौरान खेत में काम कर रहे एक किसान पर हाथियों ने हमला बोल दिया है। हमले से किसान का हाथ टूट गया है। हाथियों के आक्रामक रूख से क्षेत्र में दहशत फैल गई है।

उल्लेखनीय है कि पिछले एक पखवाड़े से छत्तीसगढ़ की सीमा पार कर जिले के वनांचल क्षेत्र कुसमी में हाथियों ने दस्तक देने के बाद दर्जनों घरो को क्षतिग्रस्त कर दिया है। हाथियों का समूह कुसमी अंचल से टिकरी की ओर पहुंच गया जहां घरों को नुकसान पहुंचाने के बाद लिलवार के समीप उड़ैसा में एक घर ढहा दिया और कई जगह नुकसान पहुंचाया।

किसान पर हमला बोला
बताया जाता है कि बरौं पंचायत के गतिला गांव निवासी सुखनंदन साकेत को हाथियों के झुण्ड ने हमला बोल दिया। जिससे जान बचाकर भागते समय उसका हाथ टूट गया। किसान घटना के समय खेत में काम कर रहा था। बता दें कि आधा दर्जन की संख्या में आए हाथी जिस गांव और मार्ग से निकल रहे हैं, वहां नुकसान ही पहुंचा रहे हैं। हाथियों द्वारा घरों पर धावा बोलने और ढहाने की घटना से इस तरह से लोगों में दहशत फैली है कि हाथियों की मौजूदगी के दौरान गांव के लोग जागकर रात गुजार रहे हैं। उधर वन विभाग का अमला लगातार हाथियों के पीछे चल रहा है, किंतु किसी तरह से नियंत्रण नही कर पा रहा है।

रात के समय गांव में बिजली गुल कर दी जा रही है तो हाथियों को काबू में करने बैटरी का करंट लगाया जा रहा है। बैटरी का करंट मदमस्त हाथियों पर कोई प्रभाव नहीं डाल पा रहा है। यही वजह है कि हाथियों को लेकर ग्रामीण तो परेशान ही हैं। वन विभाग का अमला भी काफी दिनों से परेशान हो रहा है। हाथियों को बाहर खदेड़ने तमाम तरह की जुगत लगाई जा चुकी है, किंतु कोई उपाय काम नही आ रहा है। संजय टाईगर रिजर्व द्वारा बांधवगढ़, पन्ना टाईगर रिजर्व और कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से हाथी भेजे जाने की शासन से जरूर मांग की गई है, किंतु अभी तक व्यवस्था नही बन पाई है। विभाग का मानना है कि टाईगर रिजर्व की हाथी इन मदमस्त हाथियों को खदेडऩे में कामयाब होंगे।

हाथियों को सुरक्षित रास्ता देने रखा जा रहा गुड़
विभाग के मुताबिक हाथी यहां-वहां न भटकें और आमजनों को नुकसान न पहुंचाएं इसलिए उन्हें एक रास्ता देने के लिये जगह-जगह गुड़ व खाने की अन्य चीजें रखी जा रही हैं। हालांकि इस दौरान ग्रामीणों की जुटने वाली भीड़ हाथियों को भड़काने के लिये काफी कारगर हो रही है जिस कारण लोगों को बाद में नुकसान उठाना पड़ रहा है। बरौं पंचायत में गुरूवार को हाथियों की मौजूदगी के कारण तो पूरे क्षेत्र में दहशत का वातावरण बना रहा है। हाथियों का झुण्ड कब किस गांव की ओर रूख कर देगा कहा नही जा सकता है। इसीलिए जिस गांव में हाथी दस्तक देते हैं, वहां अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो जाता है। मदमस्त हाथियों केा भगाने स्थानीय स्तर पर भले ही प्रयास किये जा रहे हों कितु शासन स्तर पर अभी कारगर प्रयास नहीं हुए हैं। हाथियों के चलते ग्रामीण जन काफी दहशत में देखे जा रहे हैं।