वीडियो बनाने को लेकर भड़के डीआरएम, वर्तमान में सिर्फ तीन ट्रेनों का हो रहा परिचालन: यात्री ट्रेनों के पूर्ववत संचालन की मांग को लेकर युवा पहुंचे डीआरएम के पास, नहीं लिया ज्ञापन

February 10th, 2022


डिजिटल डेस्क अनूपपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण वर्ष 2020 में ट्रेनों का परिचालन भी बंद कर दिया गया था। पूर्व में कोतमा रेलवे स्टेशन से होकर दो दर्जन अप डाउन ट्रेन का परिचालन होता था। आसपास की आबादी यात्रा के लिए कोतमा रेलवे स्टेशन से ही अपना सफर प्रारंभ करती थी लेकिन वर्तमान में सिर्फ तीन यात्री ट्रेन ही अप डाउन कर रही हैं। यात्री ट्रेन का परिचालन पूर्ववत हो जिसको लेकर कोतमा नगर के युवा मनेंद्रगढ़ पहुंचे डीआरएम के पास मिलने के लिए गए हुए थे जहां उन्होंने डीआरएम से समय मांग कर अपनी समस्या रख रहे थे इसी बीच किसी युवक ने वीडियो बनाना प्रारंभ किया तो डीआरएम आलोक सहाय भड़क गए और उन्होंने बिना ज्ञापन लिए और बात किए ही वहां से निकल गए।
यह है मामला
कोतमा नगर में बंद पड़ी ट्रेनों के परिचालन के लिए नगर के मनमोहन ताम्रकार के नेतृत्व में आधा दर्जन युवा डीआरएम से मिलने के लिए मनेंद्रगढ़ गए हुए थे जहां उन्होंने डीआरएम के साथ बैठक करते हुए अपनी बात प्रारंभ की और यात्री ट्रेनों का परिचालन की  पूर्व की भांति करने की मांग की। युवाओं ने बताया कि प्रतिदिन कोतमा रेलवे स्टेशन से होकर आसपास के आधा सैकड़ा गांव के ग्रामीण अपने गंतव्य के लिए जाते थे जिनके आवागमन की वजह से छोटे-छोटे व्यापार भी संचालित होते रहे हैं। ट्रेनों का परिचालन न होने से छोटे व्यापारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच एक युवा ने हो रही वार्ता को कैमरे में कैद करने की कोशिश की जिसके बाद डीआरएम ने न तो बात की और न ही ज्ञापन लिया।
मांग पर अड़े रहे युवा
रेस्ट हाउस से बाहर निकले डीआरएम अपनी गाड़ी में बैठकर जाने के लिए तैयार हुए तभी एक युवा उनकी गाड़ी के ठीक सामने खड़ा हो गया और जोर-जोर से मांग करने लगा कि बगैर हमारी मांगों को पूरी किए और हमसे बात किए आप इस तरह से नहीं जा सकते। जिसके बाद आरपीएफ के कुछ जवानों ने जबरन युवा को किनारे किया और डीआरएम वहां से निकल गए।
एक दशक से बंद है पार्सल बुकिंग
डीआरएम को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में यह भी उल्लेखित किया गया था कि कोतमा रेलवे स्टेशन में बीते एक दशक से पार्सल बुकिंग की सुविधा बंद है। जिसकी वजह से सड़क के रास्ते ही माल की ढुलाई होती है, डीजल के दाम कम होने के बाद भी न तो यात्रियों का किराया कम हुआ है और न ही माल भाड़े की दर कम हुई है। इंदौर और भोपाल जाने के लिए अनूपपुर रेलवे स्टेशन से यात्रा प्रारंभ करनी पड़ती है जहां तक पहुंचने के लिए ही सैकड़ों रुपए खर्च हो जाते हैं।
आंदोलन की बना रहे रणनीति
डीआरएम के व्यवहार से क्षुब्ध युवा और व्यापारी अब आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। उनके द्वारा शीघ्र ही बैठक कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार किए जाने की बात भी कही गई। युवाओं ने यह भी बताया कि कोतमा क्षेत्र से अधिकांश लोग इलाज के लिए नागपुर जाते हैं जिसके लिए भी बीते एक दशक से ट्रेन की मांग की जा रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए भी अब व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।

 

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