Panna News: दक्षिण वनमण्डल अंतर्गत पहली बार एशियन वाटरबड्र्स सेंसस २०२६ का आयोजन

दक्षिण वनमण्डल अंतर्गत पहली बार एशियन वाटरबड्र्स सेंसस २०२६ का आयोजन
दक्षिण वनमण्डल पन्ना में पहली बार दिनांक 3 एवं 4 जनवरी 2026 को एशियन वाटरबड्र्स सेंसस एडब्लूसी 2026 का सफल आयोजन किया गया। एशियन वाटरबड्र्स सेंसस एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है जिसके अंतर्गत झीलों, तालाबों, नदियों एवं अन्य आद्र्रभूमियों में पाए जाने वाले जलपक्षियों की गणना की जाती है।

Panna News: दक्षिण वनमण्डल पन्ना में पहली बार दिनांक 3 एवं 4 जनवरी 2026 को एशियन वाटरबड्र्स सेंसस एडब्लूसी 2026 का सफल आयोजन किया गया। एशियन वाटरबड्र्स सेंसस एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है जिसके अंतर्गत झीलों, तालाबों, नदियों एवं अन्य आद्र्रभूमियों में पाए जाने वाले जलपक्षियों की गणना की जाती है। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य जलपक्षियों की संख्या, प्रजातिगत विविधता तथा आद्र्रभूमियों की पारिस्थितिक स्थिति का आकलन करना है जिससे संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक आधार उपलब्ध हो सके। एशियन वाटरबड्र्स सेंसस 2026 के अंतर्गत दक्षिण पन्ना वनमण्डल में कुल 6 सर्वेक्षण दलों द्वारा कार्य किया गया। जिनमें लगभग 25 वन अधिकारी, वनकर्मी एवं वन समिति के अध्यक्ष, सदस्य शामिल रहे। इस दौरान वनमण्डल के अंतर्गत 29 प्रमुख जलाशयों एवं जल निकायों का सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण के दौरान लगभग 50 विभिन्न प्रजातियों के जलपक्षियों की पहचान की गई तथा कुल मिलाकर लगभग 5400 पक्षियों की गणना दर्ज की गई। दक्षिण पन्ना वनमण्डल में इस सेंसस के दौरान विभिन्न प्रकार के जलपक्षी समूहों की उपस्थिति दर्ज की गई। जलपक्षी वर्ग में लेसर व्हिसलिंग डक, रुडी शेलडक, नॉब बिल्ड डक एवं कॉटन पिग्मी गूज प्रमुख रहे जो खुले जलाशयों और शांत जल क्षेत्रों की गुणवत्ता को दर्शाते हैं। ग्रीब्स वर्ग में लिटल ग्रीब की उपस्थिति देखी गई जो अपेक्षाकृत साफ और स्थिर जल में पाए जाते हैं। इसी प्रकार कॉर्मोरेंट समूह में लिटल कॉर्मोरेंट, इंडियन कॉर्मोरेंट एवं ग्रेट कॉर्मोरेंट की अच्छी संख्या दर्ज की गई जो जलाशयों में मछलियों की उपलब्धता का संकेत देती है।

उथले जल एवं किनारी क्षेत्रों में चलकर भोजन करने वाले पक्षियों में इंडियन पोंड हेरॉन, ग्रेट व्हाइट एग्रेट, ईस्टर्न कैटल एग्रेट, पेंटेड स्टॉर्क, ब्लैक स्टॉर्क, एशियन ओपनबिल, रेड-नैप्ड आइबिस एवं लेसर एडजुटेंट जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियां देखी गईं। इनमें से ब्लैक स्टॉर्क और लेसर एडजुटेंट जैसे पक्षियों की उपस्थिति क्षेत्र की आद्र्रभूमियों के संरक्षण महत्व को रेखांकित करती है। वहीं उनके सहचर पक्षी समूह में यूरेशियन मूरहैन एवं व्हाइट ब्रेस्टेड वॉटरहैन दर्ज किए गए। वेडर्स किनारी जलपक्षी वर्ग में ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट रेड वॉटल्ड लैपविंग, लिटल रिंग्ड प्लोवर एवं कॉमन सैंडपाइपर प्रमुख रूप से पाए गए। इस सम्पूर्ण दो दिवसीय सर्वेक्षण में पवई वनपरिक्षेत्र से रेंज ऑफिसर नितेश पटेल, वनरक्षक प्रकाश सिंह गोंड, सतेन्द्र सिंह, पर्यावरण प्रेमी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर सागर सोनीय रैपुरा रेंज से वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक जैन, वनपाल रंजना नागर, वनरक्षक धीरेंद्र सिंह, रजनीश चौरसिया एवं प्रेमशंकर सिंह, सलेहा वनपरिक्षेत्र से रेंज ऑफिसर जीतू सिंह बघेल, पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता एवं पटना तमोली अध्यक्ष अजय चौरसिया, वनरक्षक मनोज चौरसिया एवं महेंद्र अग्रहरी कल्दा रेंज से वनरक्षक वीरेंद्र पटेल, राहुल सिंह राय, राजेश धुर्वे एवं कृष्ण कुमार कोंदर, शाहनगर रेंज से वनरक्षक आशीष पाण्डेय, उदयभान सिंह एवं प्रेमनारायण वर्मा तथा मोहंद्रा रेंज से वनरक्षक संदीप राय, पुण्य प्रताप पटेल, अजय प्रताप सिंह एवं संतकुमार प्रजापति ने उत्साहपूर्वक भाग लिया एवं इस सर्वेक्षण को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया।


Created On :   5 Jan 2026 1:24 PM IST

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