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Panna News: अपने ही उपायुक्त का आदेश नहीं मान रहे मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण अजीविका मिशन के अधिकारी, प्रधानमंत्री की लखपति दीदी योजना की साख में लगा रहे बट्टा

Panna News: मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रैपुरा क्लस्टर में कई अनियमितताएं सामने आईं हैं। बुधवार को रैपुरा क्लस्टर में मिली महिलाओं ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि आजीविका मिशन के अंतर्गत गावों में समूहों का निर्माण कराया गया है जिसमें लखपति दीदी जैसी योजनाओं के तहत ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। समूह की महिलाएं बैंक लोन के लिए जातीं हैं तो बैंक पैसे आहरित करने से मना कर देते हैं क्योंकि रैपुरा क्लस्टर के लिए सहायक विकासखंड प्रबंधक ने टीप लगा रखी है कि बिना उन्हें सूचित किए ग्राम संगठनों को किसी भी राशि का आहरण न किया जाए जबकि 20 अगस्त 2025 को मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की उपयुक्त सुधा भार्गव ने एक पत्र जारी किया था जिसमें उन्होंने आदेश किया था कि उनके संज्ञान में आया है कि कई जगहों पर स्वसहायता समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल स्तरीय संगठनों के वित्तीय लेन देन ग्राम प्रभारी, नोडल अधिकारी बीएम, एबीएम द्वारा सत्यापन उपरांत ही बैंक शाखाओं द्वारा व्यहारिक किए जा रहे हैं जो वित्तीय मानक संचालन प्रक्रिया के विपरीत हैं। पन्ना जिले के शाहनगर विकासखंड के रैपुरा क्लस्टर में उपयुक्त के पत्रों को ही ठण्डे बस्तों में डालकर उनके विपरीत कार्य किया जा रहा है।
लखपति दीदी सीआरपी के कार्यकर्ताओं को दो साल से नहीं मिला मानदेय
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के रैपुरा क्लस्टर कार्यालय में मिली कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि हम दो वर्षों से अधिक समय से लखपति दीदी सीआरपी के तौर पर कार्य कर रहे हैं जिसमें गांव-गांव जाकर सैकड़ों लखपति दीदी की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कराई गई जिसका मानदेय नहीं मिला। महिलाओं के अनुसार कुछ महीनों पहले मानदेय आ गया है परंतु वितरित नहींं किया जा रहा। लखपति दीदी सीआरपी के तौर पर काम करने वाली बनी लोधी बतातीं हैं कि हमारी आईडी में तीन-तीन गांव मैप कर दिए जबकि एक आईडी से एक महिला सीआरपी गांव की ८० महिलाओं का ही सर्वे कर सकती है। उन्होंने बताया कि क्लस्टर के आदेशानुसार मंैने तीन गांवों में जाकर लगभग तीन सौ महिलाओं का सर्वे किया। जिसका भुगतान देने से मना किया जा रहा है। कहा गया कि आपको अस्सी महिलाओं के सर्वे का ही भुगतान किया जाएगा वह भी अभी तक नहीं मिला। गंज गांव की निवासी कृष्णकुमारी विश्वकर्मा बताती हैं कि हमने 168 महिलाओ का सर्वे किया और भुगतान के लिए अभी मात्र पांच हजार रुपए के लिए बोला गया है। इस संबंध में हमने क्लस्टर के प्रभारी, सहायक विकासखंड प्रबंधक भगवती प्रसाद मिश्रा से बात की तो उन्होंने कहा कि मैंने बैंक को इस तरह की कोई टीप लगाकर जानकारी नहीं दी है परंतु जब हमने टीप लगा लेटर उपलब्ध होने की बात की तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। मानदेय न मिलने के मामले में भी वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
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इनका कहना है
मैं ब्लॉक अधिकारियों से इस संबंध में बात करके स्थिति स्पष्ट करता हूं कि आखिर ऐसा क्यों है।
प्रमोद शुक्ला, डीपीएम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन पन्ना
Created On :   17 April 2026 2:36 PM IST













