Panna News: श्रीमद् भागवत कथा में रूकमणि विवाह में झूमकर नाचे श्रोतागण

श्रीमद् भागवत कथा में रूकमणि विवाह में झूमकर नाचे श्रोतागण
प्रसिद्ध हनुमान मंदिर चमरैया धाम में श्रीमद् भागवत महापुराण एवं महारुद्राभिषेक यज्ञ का आयोजन कथा व्यास डॉ. रजनीश शास्त्री के सानिध्य में समस्त क्षेत्रवासी, ग्रामवासियों एवं शिष्य मंडल के द्वारा आयोजित हो रहा है जहां आज दिनांक 29 नवंबर को दोपहर ०2 बजे से श्रीमद् भागवत कथा में आज रूकमणि विवाह में डॉ. रजनीश शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी का विवाह केवल एक वैवाहिक कथा नहीं बल्कि धर्म, मर्यादा और आदर्शों की स्थापना का संदेश देता है।

Panna News: प्रसिद्ध हनुमान मंदिर चमरैया धाम में श्रीमद् भागवत महापुराण एवं महारुद्राभिषेक यज्ञ का आयोजन कथा व्यास डॉ. रजनीश शास्त्री के सानिध्य में समस्त क्षेत्रवासी, ग्रामवासियों एवं शिष्य मंडल के द्वारा आयोजित हो रहा है जहां आज दिनांक 29 नवंबर को दोपहर ०2 बजे से श्रीमद् भागवत कथा में आज रूकमणि विवाह में डॉ. रजनीश शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी का विवाह केवल एक वैवाहिक कथा नहीं बल्कि धर्म, मर्यादा और आदर्शों की स्थापना का संदेश देता है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीकृष्ण के जयघोष किए। शास्त्री जी ने समाज को पंच परिवर्तन के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी। जिसमें सर्वप्रथम सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व आधारित जीवन, नागरिक कर्तव्य बोध पर विस्तार पूर्वक भक्तगणों को जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि हमारा हिंदू समाज विभिन्न जातियों के नाम से जाना जाता है लेकिन इसके कारण कभी भी समाज में छुआछूत भेदभाव नहीं रहा और पर्यावरण पर उन्होंने कहा कि अपने जीवन में तीन बातों को हम सभी कर सकते हैं जिसमें पानी बचाना, सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करना और हरियाली के पेड़ लगाना इससे मनुष्यों में एक मानवीयता भी आएगी और पर्यावरण में सुधार होगा। कुटुंब प्रबोधन पर उन्होंने कहा कि हमें परिवार के सब लोगों के साथ सप्ताह में एक बार साथ बैठना निश्चित समय पर घर पर रहना श्रद्धा अनुसार भजन करना घर में बनाया हुआ भोजन करना और उसके बाद तीन-चार घंटा बातें करना और स्वाधारित जीवन का मतलब है कि हमें स्वदेशी जीवन शैली प्रत्येक व्यक्ति प्रत्येक परिवार के स्तर पर अपनानी होगी तभी भारत आत्मनिर्भर बनेगा। रुक्मणी विवाह के दौरान काफी संख्या में में भक्तगण उपस्थित रहे और संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आनंद उठाया।

Created On :   30 Nov 2025 1:57 PM IST

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