रीवा न्यूज: मैरिज गार्डन ध्वस्त:

मैरिज गार्डन ध्वस्त:
मुक्त कराई गई २ एकड़ सरकारी जमीन

भास्कर न्यूज रीवा |उज्जैनिन अनाथालय से लगी बेशकीमती सरकारी जमीन पर संचालित राजविलास मैरिज गार्डेन को मंगलवार को प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुृए ध्वस्त कर दिया। सुबह ६ बजे से शुरु हुई बेदखली की कार्रवाई दोपहर बाद तक चली। सरकारी दावे के मुताबिक २ एकड़ शासकीय भूमि अतिक्रमण कारियों के चंगुल से मुक्त कराई गई है। मुक्त कराई जमीन की कीमत करोड़ों में आंकी गई है।

एक दिन पहले मिला था नोटिस

भूमि के मालिकाना हक संबंधी प्रकरण हजूर तहसीलदार के न्यायालय में प्रचलित था। प्रकरण पर बेदखली वारंट एक दिन पहले यानि सोमवार की शाम को जारी किया गया था। जिसमें मैरिज गार्डन के संचालक विजय चंद्र निगम एवं नृपेंद्र सिंह को आदेश दिए गए थे कि खसरा नंबर 812 पर किए गए अतिक्रम्ण को हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है। आदेश में कहा गया कि रकवा २.७८४ हेक्टेयर के 2 एकड़ अंश भाग पर बनाए गए मैरिज गार्डन के निर्माण के संबंध में सक्षम अनुमति नहीं ली गई है। वारंट में आज यानि मंगलवार को बेदखली की कार्यवाही की सूचना दी गई थी।

छापामार शैली में एक्शन:----

प्रशासन ने छापामार शैली में बेदखली की कार्रवाई की। अतिक्रमण के आरोपियों को संभलने का मौका नहीं दिया गया। सुबह ६ बजे पुलिस बल के साथ राजस्व अफसर मौके पर पहुंचे । पोकलेन लगा कर देखते ही देखते पक्के निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। मंडप, कार्यालय, स्टोर रुम और भट्ठियां भी धराशायी कर दी गई। इस दौरान एसडीएम हुजूर अनुराग तिवारी, तहसीलदार हुजूर शहरी क्षेत्र अनुपम पांडेय भी मौजूद थे।

इनका कहना है-

बहुउपयोगी शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे के संबंध में शिकायत मिलने पर अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की गई है।

नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर

+हमारे पास विवाह घर के संचालन के पर्याप्त दस्तावेज हैं। नगर निगम के कमिश्नर ने २०२७ तक विवाह घर के संचालन का लाइसेंस दिया है।

फायर एनओसी और एमपी पीसीबी के दिसंबर २०२७ तक के वैध दस्तावेज हैं। लैंड यूज और गार्डन की अनुमति के साथ वर्ष २०२७ तक का वैधता शुल्क भी जमा है। फिर भी कार्रवाई की गई।

विजय चंद्र निगम,संचालक मैरिज गार्डन


Created On :   29 July 2026 3:49 PM IST

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