Satna News: बाघ के अवशेष मिलने की आशंका, तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित

बाघ के अवशेष मिलने की आशंका, तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित
तेंदुआ या बाघ के नाखून, दांत और हड्डियां जब्त, चार आरोपी रिमांड पर, वैज्ञानिक जांच से होगी पुष्टि

डिजिटल डेस्क,सतना। वनमंडल मैहर की टीम ने वन्यजीवों का करंट लगाकर शिकार करने और उनके अवशेषों के अवैध व्यापार से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए नाखून, दांत और हड्डियों में बाघ के अवशेष होने की आशंका जताई गई है। हालांकि वन विभाग का कहना है कि प्रथम दृष्टया अवशेष तेंदुए के प्रतीत हो रहे हैं, जबकि हड्डियां तेंदुए या बाघ की हो सकती हैं। इसकी पुष्टि वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही होगी।

डीएफओ विद्याभूषण मिश्रा ने बताया कि वन अपराध प्रकरण क्रमांक 201/04 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 एवं संशोधित अधिनियम 2022 की विभिन्न धाराओं के तहत केशरबाई केवट, शिवप्रसाद केवट, सुरेंद्र सिंह उर्फ भैया और फूल कुमार केवट को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

न्यायालय ने आरोपियों को अन्वेषण के लिए 28 एवं 29 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। डीएफओ के अनुसार मामले में वन्यजीवों के नाखून, दांत और हड्डियां जब्त की गई हैं तथा पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। विभाग का मानना है कि यह मामला केवल शिकार तक सीमित नहीं, बल्कि वन्यजीव अवशेषोंं के अवैध कारोबार से भी जुड़ा हो सकता है।

डीएफओ का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। यदि जब्त हड्डियां बाघ की पाई जाती हैं, तो यह क्षेत्र में वन्यजीव अपराध का एक गंभीर मामला साबित हो सकता है।

तीन फरार आरोपियों पर इनाम

प्रकरण में जलमेश केवट (भदनपुर दक्षिण पट्टी), विनोद सिंह पटेल (सोनवारी) और अनिल सिंह पटेल (हरदासपुर) फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए वन विभाग ने 2,000 रुपए नकद इनाम घोषित किया है। विभाग ने कहा है कि आरोपियों की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

Created On :   27 July 2026 8:49 PM IST

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