बांधवगढ़ न्यूज: रैनी सीजन मे भी बाघ की साईटिंग से आबाद हैं बांधवगढ़ का बफर

मानसून सत्र के दौरान बफर जोन के धमोखर एवं पनपथा क्षेत्रों में बाघों के दर्शन दर्ज किए गए
डिजिटल डेस्क बांधवगढ़ उमरिया टाइगर रिजर्व का कोर जोन मानसून के दौरान पर्यटकों के लिए बंद रहने के बावजूद बफर जोन में वन्यजीव पर्यटन का उत्साह लगातार बना हुआ है। वर्षा ऋतु में प्रकृति के बदलते रंगों, हरियाली और वन्यजीवों के बीच सफारी का अनुभव लेने के लिए पर्यटकों का रुझान लगातार बफर क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। इस मानसून सीजन के दौरान बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आधे सत्र यानी 1 जुलाई 2026 से 16 अगस्त 2026 तक के मात्र 47 दिनों में कुल 400 से ज्यादा सफारी वाहन संचालित हुए, जिनमें लगभग 2000 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया और इसमें भारतीय एवं विदेशी दोनों पर्यटक शामिल रहे। इस अवधि के दौरान बफर जोन पर्यटन से साढ़े पाँच लाख से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि जिप्सी संचालकों, गाइडों तथा होटल इंडस्ट्री को पर्यटकों से प्राप्त होने वाली आय इससे अतिरिक्त है। बांधवगढ़ डायरेक्ट डॉ. अनुपम सहाय ने बताया मानसून के दौरान जंगल का स्वरूप पूरी तरह बदल जाता है, जहाँ चारों ओर फैली हरियाली, वर्षा से भरे जलस्रोत और वन्यजीवों की बढ़ी हुई सक्रियता पर्यटकों के अनुभव को और खास बनाती है। आधे मानसून सत्र के दौरान बफर जोन के धमोखर एवं पनपथा क्षेत्रों में बाघों के दर्शन दर्ज किए गए तथा विभिन्न अवसरों पर तेंदुए के दर्शन भी हुए, जबकि शाकाहारी वन्यप्राणियों में इंडियन गौर, हाथी, चीतल, सांभर डियर, बार्किंग डियर और नीलगाय ने पर्यटकों के रोमांच को बाँधे रखा। स्वतंत्रता दिवस एवं हरियाली तीज के अवसर पर 15 अगस्त को बफर जोन में 29 सफारी वाहनों के माध्यम से 161 पर्यटकों ने जंगल भ्रमण किया तथा एक ही दिन में लगभग चालीस हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, और इसके अगले दिन 16 अगस्त को भी 24 वाहनों के माध्यम से 111 पर्यटकों ने बफर जोन सफारी का आनंद लिया। कि क्षेत्र संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व द्वारा कहा गया है कि कोर जोन बंद है, लेकिन बांधवगढ़ का जंगल नहीं है और मानसून में पर्यटक आकर बफर जोन की हरियाली और वन्यजीवों की दुनिया को करीब से महसूस कर सकते हैं।

Created On :   18 Aug 2026 3:45 PM IST

Tags

Next Story