दैनिक भास्कर हिंदी: B'day: 49 के हुए टीम इंडिया को 'दादागीरी' सिखाने वाले सौरभ गांगुली, पहला प्यार था फुटबॉल

July 8th, 2021

हाईलाइट

  • गांगुली की कप्तानी में भारत ने जीते थे कई मैच
  • गांगुली के नाम साढ़े 18 हजार से ज्यादा रन हैं
  • 2008 में कप्तानी के पद से हटा दिया गया था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के चेहरे को बदलने और टीम को दादागीरी सिखाने वाले सौरभ गांगुली (Sourav Ganguly) का आज जन्मदिन है। वे आज 49 वर्ष के हो गए हैं। गांगुली भारतीय क्रिकेट के बदलाव का बड़ा चेहरा हैं, गांगुली के नेतृत्व में ही टीम इंडिया ने भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में मैच जीतने शुरू किए। उनके फैंस उन्हें प्यार से 'दादा', 'गॉड ऑफ ऑफसाइड', 'प्रिंस ऑफ कोलकाता', 'बंगाल टाइगर' और 'दादा' जैसे नामों से जानते हैं। 

बतौर कप्तान और बल्लेबाज भारतीय क्रिकेट में अपना योगदान देने के बाद अब वह बीसीसीआई अध्यक्ष बन गए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं सौरव गांगुली का पहला प्यार क्रिकेट नहीं, फुटबॉल था। उनके जन्मदिन पर जानिए सौरभ के क्रिकेट कॅरियर से जुड़ी ऐसी कई सारी बातें....

पहला प्यार फुटबॉल
गांगुली का जन्म भारत में फुटबॉल का मक्का कहे जाने वाले कोलकाता में 08 जुलाई, 1972 को हुआ था। उनके पिता चंडीदास कोलकाता के एक मशहूर बिजनेसमैन थे। गांगुली भी हर एक कोलकाता वासी की तरह एक बेहतरीन फुटबॉलर बनना चाहते थे और शुरुआत में इसे काफी सीरियस भी लेते थे, लेकिन उनके पिता उन्हें एक फुटबॉलर नहीं बल्कि क्रिकेटर बनाना चहते थे।

1989 में डेब्यू किया
गांगुली ने अपने बड़े भाई स्नेहाशीष को देखकर क्रिकेट खेलना शुरू किया। स्नेहाशीष भी बंगाल क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे हैं। क्षेत्रीय क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के कारण दादा को 1989 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला।

कप्तानी में रच दिया इतिहास
2000 में दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के कप्तानी छोड़ने के बाद सौरभ को टीम का नेतृत्व करने का मौका मिला। सौरव गांगुली अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को 20 से ज्यादा टेस्ट मैचों में जीत दिलाने वाले पहले कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 21 टेस्ट जीते। गांगुली का यह रिकॉर्ड टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने तोड़ा और फिर मौजूदा कप्तान विराट कोहली ने।

...और ले लिया सन्यास
इंटरनेशनल क्रिकेट में सौरभ गांगुली के नाम साढ़े 18 हजार से ज्यादा रन हैं, जिसमें 38 शतक शामिल हैं। बता दें कि, 2008 में दादा को कप्तानी के पद से हटा दिया गया था। इसके बाद उन्हें टीम से भी बाहर कर दिया गया। वहीं कुछ महीनों बाद ही उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी।