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दशहरा: राम-रावण की यह बातें बदल सकती है आपका जीवन 

दशहरा: राम-रावण की यह बातें बदल सकती है आपका जीवन 

हाईलाइट

  • राम और रावण की कुछ ऐसी बातें, जिन्हें अपनाकर आप अपने जीवन को बैहतर बना सकते हैं

डिजिटल डेस्क। दशहरे के पावन मौके पर हर साल बुराई के प्रतीक रावण का दहन किया जाता है और अच्छाई के प्रतीक श्री राम की लंका पर विजय का जश्न मनाया जाता है। रामायाण महाकाव्य में भगवान श्रीराम और रावण के बीच कई ऐसे कई प्रसंग हैं। जिन्हें मानव जीवन के लिए हितकारी माना जाता है। वैसे तो रामायाण में हर प्रात्र के जीवन से प्रेरणा मिलती है, लेकिन भगवान श्रीराम और राक्षम योनी में जन्मे प्रखर पंडित रावण के जीवन से ऐसी कई बातें सीखने को मिलती हैं। जिन्हें लागू कर आप बेहतर, सफल और सरल तरीके से जीवन व्यतीत कर सकते हैं। आइए हम आपको बताते हैं राम और रावण की कुछ ऐसी बातें, जिन्हें अपनाकर आप अपने जीवन को बैहतर बना सकते हैं। 

श्रीराम की जीवन में ग्रहण करने योग्य कुछ बातें

1. जीवन में मर्यादित रहना।
2 . लोगों के नामों को याद रखना और उन्हें, उन्हीं नाम से संबोधित करना।
3 . दूसरों की बातों को ध्यान और धीरज से सुनना।
4 . लोगों के प्रति सच्ची निष्ठा रखना।
5 . दूसरे व्यक्तियों को सम्मान देना।
6 . किसी को अपने विचार मनवाने के लिए तर्क और विवाद का सहारा नहीं लेना।
7 . उच्च आदर्श व सिद्धांत का पालन करने में हर कठिनाई को सहन करने के लिए तैयार रहना।
8 . दूसरे के विचारों और भावनाओं के प्रति सच्ची सहानुभूति रखना।
9 . दूसरे की दृष्टि से घटनाओं या वस्तुओं को देखने का प्रयास करना।
10.अपनी त्रुटि(गलती) को शीघ्र स्वीकार कर लेना।

रावण की जीवन में ग्रहण करने योग्य कुछ बातें

1. अपने सारथी, दरबान, खानसामे और भाई से दुश्मनी मोल मत लीजिए। वे कभी भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
2. खुद को हमेशा विजेता मानने की गलती मत कीजिए, भले ही हर बार तुम्हारी जीत हो।
3. हमेशा उस मंत्री या साथी पर भरोसा कीजिए जो तुम्हारी आलोचना करती हो।
4. अपने दुश्मन को कभी कमजोर या छोटा म त समझिए, जैसा कि हनुमान के मामले में भूल हूई।
5. यह गुमान कभी मत पालिए कि आप किस्मत को हरा सकते हैं, भाग्य में जो लिखा होगा उसे तो भोगना ही पड़ेगा। 
6. ईश्वर से प्रेम कीजिए या नफरत, लेकिन जो भी कीजिए , पूरी मजबूती और समर्पण के साथ।
7. जो राजा जीतना चाहता है, उसे लालच से दूर रहना सीखना होगा, वर्ना जीत मुमकिन नहीं। 
8. राजा को बिना टाल-मटोल किए दूसरों की भलाई करने के लिए मिलने वाले छोटे से छोटे मौके को हाथ से नहीं निकलने देना चाहिए।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।