धर्म: सावन विनायक चतुर्थी आज , ये है पूजन का शुभ मुहूर्त, मिलेगा भोले बाबा के साथ उनके पुत्रों का भी आशीर्वाद

August 1st, 2022

डिजिटल डेस्क, भोपाल। चतुर्थी हर मास में दो बार आती है। पहली कृष्ण पक्ष में दूसरी शुक्ल पक्ष में।  कृष्ण पक्ष की चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी के नाम से जानी जाती है। वहीं  शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। सावन के महीने में हर दिन का ही विशेष महत्व होता है। इसलिए शुक्ल पक्ष में चतुर्थी तिथि को भी  विशेष महत्व  दिया जाता हैं। इस के साथ ही आज के दिन सावन का सोमवार तीसरा सोमवार भी पड़ रहा हैं। इस कारण यह दिन और अधिक महत्व पूण बन जाता हैं। इस दिन सभी को भोले बाबा  के साथ-साथ उनके पुत्र गणेश जी का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा। इसलिए आज के दिन शुभ मुहूर्त में गणपति जी की पूजा करने से आप को आशीर्वाद चार गुना ज्यादा मिलेगा। 


विनायक चतुर्थी व्रत का शुभ मुहूर्त 

सावन माह की विनायक चतुर्थी तिथि आज सुबह 4 : 18 मिनट पर शुरू हो चुकी है जो 02 अगस्त मंगलवार के दिन सुबह 5 : 13 मिनट पर समाप्त होगी। आज के दिन भगवान पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 : 06 मिनट से दोपहर 01 :48 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 : 48 मिनट से लेकर दोपहर 12 : 41 मिनट तक है। इस के साथ ही आज शिव और रवि योग का भी खास योग बन रहा है। विनायक चतुर्थी पर भगवान गणेश जी की पूजा करने वाले को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।   

विनायक चतुर्थी की पूजा विधि

विनायक चतुर्थी व्रत के दिन सुबह- सुबह स्नान कर लें। इसके बाद पीले रंग का साफ वस्त्र पहनें। अब पूजा स्थल पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें। पुष्प जल छिड़कने के बाद गणपति को सिंदूर, दूर्वा, फल, फूल और मिष्ठान का भोग लगाए। इसके बाद गणेश जी के मंत्रों का जाप करें। आरती के बाद प्रसाद को बांटे इस के बात अगले दिन पारण करें। 

गणेश जी के मंत्रों 

ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरू गणेश।
ग्लौम गणपति, ऋदि्ध पति, सिदि्ध पति। मेरे कर दूर क्लेश।।

डिसक्लेमरः ये जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर बताई गई है। भास्कर हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है।