Exclusive Interview: विश्व फोटोग्राफी दिवस पर रणदीप हुड्डा से खास बातचीत बोले- कैमरा हाथ में आया तो जंगल से जुड़ गया मन

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉलीवुड में कैमरे के सामने अपनी अदाकारी का जादू दिखाने वाले कई सितारे ऐसे हैं, जिन्होंने कैमरे के पीछे भी अपनी खास पहचान बनाई है। बोमन ईरानी, रणदीप हुड्डा, कुणाल करण कपूर जैसे कलाकार फोटोग्राफी के प्रति अपने जुनून के लिए जाने जाते हैं। किसी ने इसे पेशेवर रूप दिया, तो किसी ने जंगल, प्रकृति, यात्राओं और निजी पलों को अपने कैमरे में सहेजना पसंद किया। विश्व फोटोग्राफी दिवस के खास मौके पर दैनिक भास्कर से खास बातचीत में रणदीप हुड्डा ने भी अपने फोटोग्राफी सफर, वन्यजीवन से जुड़ाव और कैमरे के पीछे के अनुभव साझा किए। मोबाइल कैमरे से शुरू हुआ उनका सफर उन्हें कान्हा के जंगलों तक ले गया, जहां उन्होंने पहली बार बाघ को अपने कैमरे में कैद किया। उनके लिए फोटोग्राफी सिर्फ तस्वीर लेना नहीं, बल्कि एक पल, एक भाव और एक पूरी कहानी को फ्रेम में हमेशा के लिए सहेजना है।
यह भी पढ़े -'काला हिरण' फिल्म का विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के फैसले को अमित जानी ने दी चुनौती
‘कैमरे के कई बटन देखकर पहली बार डर गया था’
मेरे लिए फोटोग्राफी धीरे-धीरे विकसित हुआ शौक है। फोन में कैमरा आने के बाद मैंने तस्वीरें लेना शुरू किया। सोशल मीडिया पर अलग-अलग फोटोग्राफरों की तस्वीरें देखता था और सोचता था कि काश मैं भी ऐसी तस्वीरें खींच पाऊं।जंगलों में जाकर फोन से तस्वीरें लेता, इसके बाद वन्यजीवन में दिलचस्पी बढ़ी। मैंने अपना पहला कैमरा खरीदा, लेकिन उसमें इतने सारे बटन थे कि शुरुआत में मैं डर गया। फिर मुंबई की बालकनी से चील और पक्षियों की तस्वीरें लेने लगा।
‘रात में तय हुआ नागपुर जाना और सुबह जंगल में था’
इसी दौरान मेरी फोटोग्राफर सरोज लोधी से बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि नागपुर आइए, साथ में टाइगर पार्क चलेंगे और कैमरा चलाना सिखाएंगे। रात करीब नौ बजे यह बातचीत हुई और अगली सुबह छह बजे मैं दोस्तों के साथ नागपुर पहुंच गया। वहां से हम कान्हा राष्ट्रीय उद्यान गए। वहीं मैंने पहली बार बाघ देखा। वह ‘छोटा मुन्ना’ नाम का प्रसिद्ध बाघ था। इसके बाद मुझे फोटोग्राफी का ऐसा चस्का लगा कि जंगल और कैमरा दोनों जिंदगी का हिस्सा बन गए।
यह भी पढ़े -गोविंदा से विवाद के बीच बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं सुनीता आहूजा, बेटे यशवर्धन ने पैपराजी पर जताई नाराजगी
‘मुझे बाघ से ज्यादा उसका पूरा माहौल कैद करना पसंद है’
मुझे सिर्फ बाघों की तस्वीरें लेना पसंद नहीं है। जंगल का पूरा वातावरण मुझे आकर्षित करता है। लैंडस्केप, पक्षी और अलग-अलग जानवरों को उनके प्राकृतिक माहौल में कैद करना अच्छा लगता है। मैं बहुत ज्यादा क्लोज-अप तस्वीरों के बजाय जानवर और उसके आसपास की दुनिया को एक साथ फ्रेम में रखना पसंद करता हूं।
‘फोटोग्राफी ने निर्देशन में मेरी फ्रेमिंग बेहतर की
स्टिल कैमरे के साथ कंपोजिशन और फ्रेमिंग समझने का अनुभव निर्देशन में बहुत काम आया। कैमरे के फ्रेम में किस हिस्से पर दर्शक का ध्यान जाना चाहिए, खूबसूरत फ्रेम कैसे बनता है, इन चीजों को समझना आसान हुआ। मेरे लिए कैमरे के पीछे रहना भी बेहद सहज है।
‘अच्छी तस्वीर वही है जो कुछ कहे’
फोटोग्राफी अब सबके लिए आसान और सुलभ हो गई है, यह अच्छी बात है। लेकिन तस्वीरों की संख्या बढ़ने से उनकी कीमत कुछ कम जरूर हुई है। अब यादगार तस्वीर वही है जो सिर्फ किसी पल को कैद न करे, बल्कि कोई कहानी भी कहे। मैं आज भी कम तस्वीरें लेने और सही फ्रेम का इंतजार करने में विश्वास रखता हूं। जब मनचाहा फ्रेम मिल जाता है तो बहुत संतुष्टि होती है।
यह भी पढ़े -गोविंदा से विवाद के बीच बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं सुनीता आहूजा, बेटे यशवर्धन ने पैपराजी पर जताई नाराजगी
‘मेरी बेटी की तस्वीरें उसकी यादों के लिए हैं’
रणदीप कहते हैं कि बेटी के जन्म के बाद फोटोग्राफी मेरे लिए और भी भावनात्मक हो गई है। मैं लगभग रोज उसकी तस्वीर खींचता हूं। ये तस्वीरें उसके लिए यादें हैं, ताकि वह बड़ी होकर देख सके कि उसके दादा-दादी और हम उससे कितना प्यार करते थे। मेरे लिए फोटोग्राफी अब सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि जिंदगी और रिश्तों को यादों में सहेजने का जरिया भी है।
बोमन ईरानी प्रोफेशनल फोटोग्राफर
अभिनय की दुनिया में पहचान बनाने से पहले बोमन ईरानी एक पेशेवर फोटोग्राफर थे। उन्होंने अपने फोटोग्राफी करियर की शुरुआत स्पोर्ट्स फोटोग्राफी से की और बाद में ग्लैमर व व्यावसायिक फोटोग्राफी भी की। कैमरे के जरिए लोगों के चेहरे, भावनाओं और व्यक्तित्व की बारीकियों को समझना उनके लिए खास अनुभव रहा। उन्होंने अभिनेत्री राधिका विद्यसागर का शुरुआती ग्लैमरस पोर्टफोलियो भी शूट किया था। बोमन के लिए फोटोग्राफी सिर्फ तस्वीरें खींचने का काम नहीं, बल्कि लोगों और उनके भावों को करीब से देखने का माध्यम रही है।
फोटोग्राफी प्रदर्शनी में दिखी वहीदा की तस्वीरें
दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान का फोटोग्राफी से भी खास जुड़ाव रहा है। उन्होंने भारत और अफ्रीका के जंगलों में वन्यजीवों की कई खूबसूरत तस्वीरें कैमरे में कैद की हैं। उनकी तस्वीरों की 2015 में भोपाल और 2019 में मुंबई में प्रदर्शनी भी लग चुकी है। कैमरे के सामने दशकों तक अभिनय करने वाली वहीदा ने कैमरे के पीछे प्रकृति और वन्यजीवन को देखने का अपना अलग नजरिया विकसित किया।
अभिनय के साथ फोटोग्राफी का शौक
अभिनेता कुणाल करण कपूर सिर्फ अपनी अदाकारी के लिए ही नहीं, बल्कि फोटोग्राफी के शौक के लिए भी जाने जाते हैं। उन्हें कैमरे के पीछे समय बिताना पसंद है और वे अपने सफर के दौरान प्रकृति, लोगों और खूबसूरत पलों को तस्वीरों में कैद करते रहे हैं। उनकी फोटोग्राफी में यात्रा और आसपास की दुनिया को देखने का अलग नजरिया नजर आता है।
Created On :   19 Aug 2026 4:54 PM IST












