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Lockdown Effect: लखनऊ में नाई की दुकान, सैलून खुलने के बाद बंद होने की कगार पर

Lockdown Effect: लखनऊ में नाई की दुकान, सैलून खुलने के बाद बंद होने की कगार पर

हाईलाइट

  • लखनऊ में नाई की दुकान, सैलून खुलने के बाद बंद होने की कगार पर

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में करीब दो महीने के इंतजार के बाद शुक्रवार को खुले नाई की दुकानें और सैलून अब फिर से बंद हो रहे हैं। सैलून और नाई की दुकानों को सख्ती से निर्देश दिया गया है कि वे बाल काटने के अलावा कोई अन्य सेवा न दें। उन्हें मालिश, स्पा और अन्य गतिविधियों की अनुमति नहीं है।

इंदिरा नगर में सैलून चलाने वाली मीता प्रसाद ने कहा, सिर्फ बाल काटने की सेवा के लिए सैलून खोलना आर्थिक रूप से उचित नहीं है। सप्ताहांत में हमारे पास सिर्फ तीन ग्राहक आए थे, क्योंकि लोग अपने घरों से बाहर निकलने में सावधानी बरत रहे हैं। कुछ लोग होम सर्विस के लिए कह रहे हैं, लेकिन हमने मना कर दिया। महिला ग्राहक यह भी जानना चाहती हैं कि क्या उन्हें बाल कटवाने के साथ-साथ चेहरे पर मसाज मिल सकती है या नहीं।

उनका कहना है कि वह ईद के बाद सैलून बंद रखेंगी, वरना उन्हें घाटा उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा, मुझे कर्मचारियों को पूरा वेतन देना होगा और एयर कंडीशनिंग की लागत भी वहन करना होगा। जब तक जिला प्रशासन सभी सेवाओं के लिए पूर्ण अनुमति नहीं देता, तब तक व्यवसाय बंद रखना बेहतर है। ईद के बावजूद अधिकांश क्षेत्रों में सैलून खाली रहें।

नक्खास क्षेत्र में स्थित एक सैलून में काम करने वाले रफीक ने कहा, महिलाएं अन्य सेवाओं जैसे फेशियल और वैक्सिंग के लिए सैलून आती हैं और वर्तमान में इन सेवाओं की अनुमति नहीं है। अधिकांश पुरुष भी लॉकडाउन की अवधि के दौरान घर पर पहले से ही बाल कटाने का प्रबंधन कर चुके हैं और हमारे पास नहीं आ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब कुछ ग्राहकों को उनके नाम, पते और मोबाइल फोन नंबर देने के लिए कहा गया तो वे पीछे हट गए।

हजरतगंज इलाके में एक सैलून मालिक ने नोटिस दिया है कि सैलून व्यक्तिगत कारणों से बंद है। उन्होंने कहा, सैलून पर्सनलाइज्ड केयर और सेवा प्रदान करते हैं और अधिकांश ग्राहक नहीं चाहते कि दुनिया को पता चले कि वे कितनी बार सैलून जाते हैं। बहुत से लोग वापस जा रहे हैं, क्योंकि वे अपने व्यक्तिगत जानकारियों को उजागर नहीं करना चाहते हैं।

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