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मप्र के हर हिस्से में कोरोना की दस्तक, गांव में भी मरीज बढ़े

June 14th, 2020 14:01 IST
 मप्र के हर हिस्से में कोरोना की दस्तक, गांव में भी मरीज बढ़े

हाईलाइट

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भोपाल, 14 जून (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता गया और उसने राज्य के सभी 52 जिलों में दस्तक दे दी है। अब तक निवाड़ी जिला ऐसा था, जहां कोरोना का संक्रमित मरीज नहीं मिला था, मगर अब यहां भी संक्रमित मरीज मिलने से पूरा प्रदेश ही इस बीमारी की गिरफ्त में आ चुका है। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी मरीज बढ़ रहे हैं।

राज्य के शहरी से लेकर ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना मरीज मिलने से सरकार की िंचंता बढ़ी हुई है। यही कारण है कि सरकारी कार्यालयों और बाजार को खोलने का फैसला लिए जाने के बाद सरकार स्कूलों को खोलने का फैसला नहीं कर पा रही है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कर दिया है कि राज्य में स्कूल कब खुलेंगे कुछ कह नहीं सकता, लेकिन अभी जो हालात दिख रहे है, उसके चलते जुलाई में तो स्कूल नहीं खुलने वाले, ऐसा अभी लगता है। जून के अंत में एक बार फिर समीक्षा हेागी और उसके बाद ही फैसला लिया जाएगा।

कोरोना संक्रमण की दस्तक के बाद राज्य में इसका दायरा धीरे-धीरे बढ़ता गया। राज्य के 52 में से 51 जिलों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई । निवाड़ी ही मात्र ऐसा एक जिला था, जहां कोरोना संक्रमित एक भी मरीज नहीं मिला था। अब यहां भी कोरोना संक्रमित मरीज मिला है।

जिलाधिकाीर अक्षय कुमार सिंह के अनुसार यहां तीन कोरोना पॉजिटिव पाए गए है, इसलिए नियमों का पालन कराने के लिए सख्ती बरती जाएगी। साथ ही बाजार सुबह आठ से शाम छह बजे तक खुलेंगे।

राज्य में कोरोना शहर से ग्रामीण इलाकों तक अपनी उपस्थित दर्ज करा चुका है। आधिकारिक आंकड़े बताते है कि, राज्य के 440 गांवों में 904 कोरोना के मरीज पाए गए है। सरकार ने कोविड की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों को 14 वें वित्त आयोग की 15 प्रतिशत राशि 275 करोड़ रूपए भिजवाई है। इसे मास्क, साफ ,सफाई, साबुन, सेनेटाइजर, पीपीई किट आदि पर खर्च किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री चौहान ने आगामी समय में संक्रमण के बढ़ने की आशंका जताते हुए कहा कि वर्तमान में लॉकडाउन खुल जाने के कारण नए कोरोना संक्रमित मरीज आ रहे हैं, थोड़ी सी भी असावधानी संक्रमण बढ़ा सकती है। इसलिए पूरी सावधानी एवं सतर्कता जरुरी है।

आधिकारिक ब्यौरे के अनुसार, प्रदेश में 22 लैब कार्य कर रही हैं। कुल 1109 फीवर क्लीनिक से नागरिकों को सेवाएं मिल रही हैं। टेस्टिंग और ट्रीटमेंट की क्षमता लगातार बढ़ी है। अलीराजपुर, हरदा और होशंगाबाद में गत 21 दिवस में कोई भी पजिटिव केस सामने नहीं आया है। सिवनी में पिछले 19, झाबुआ में पिछले 15 और सीहोर में पिछले 10 दिन में कोई पॉजिटिव केस नही आया। प्रदेश में 13 अप्रेल को रिकवरी रेट नौ प्रतिशत था, जो अब 70 प्रतिशत है। इसमें निरंतर सुधार हो रहा है।

इतना ही नहीं कोरोना के संक्रमण को रोकने में जहां स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग, राजस्व विभाग अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है तो व्यवस्थाओं को संभालने के लिए पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। पुलिस बल के 9580 अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं, इनमें 6381 आरक्षक, 1812 प्रधान आरक्षक, 711 सहायक उपनिरीक्षक़, 422 सब इंस्पेक्टर, 164 इंस्पेक्टर, 70 डीएसपी और 20 एडिशनल एसपी शामिल हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।