दैनिक भास्कर हिंदी: Coronavirus Impact: मौजूदा समय और फार्मा/हेल्थकेयर सेक्टर पर आउटलुक - व्रिजेश कसेरा

April 29th, 2020

डिजिटल डेस्क, भोपाल। कोविड-19 के चलते हुए लॉकडाउन का असर कई सेक्टर के साथ-साथ पूरी इकोनॉमी पर देखा जा रहा है। हालांकि फार्मा/हेल्थकेयर सेक्टर जरूरी सेवाओं में होने के कारण बहुत हद तक इससे अप्रभावित है। सरकार ने फार्मास्युटिकल क्षेत्र को हमेशा की तरह काम करने की अनुमति दी है और मामूली आपूर्ति श्रृंखला संबंधी व्यवधानों के अलावा, व्यापार बड़े पैमाने पर सामान्य रूप से जारी है और इस प्रकार यह क्षेत्र कोविड संबंधित लॉकडाउन से अछूता रहता है। दूसरी ओर हेल्थकेयर सर्विसेज बिजनेस (अस्पताल और डायग्नोस्टिक्स) लॉक-डाउन के प्रभाव वाले रोगियों के वैकल्पिक उपचार और वैकल्पिक उपचारों के के लिए जोर-शोर से काम में लगे हुए है। 

दवा उद्दोग की बात करें तो कोविड उपचार के कारण कुछ आवश्यक दवाओं के मांग में वृद्दि दर्ज की गयी है। वहीं पिछले महीने रुपए में गिरावट के चलते भी निर्यात की जाने वाली कंपनियों के लिए एक नयी संभावना बनी है। डॉलर, यूरो समेत कई मुद्राओं में अवमूल्यन का भी लाभ बाजारों को मिल सकता है।  हम इस बात से भी इंकार नहीं करते हैं कि विशेष रूप से निर्यात बाजारों में निकट अवधि में आपूर्ति व्यवधान के पीछे जेनेरिक व्यापार पर कुछ मूल्य वृद्धि हो सकती है जो कुछ कंपनियों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

लंबी अवधि में के लिए उम्मीद है कि दवाओँ के बढ़ती कीमत के दवाब से बाहर निकला जा सकता है। क्योंकि जेनेरिक दवाओं की कीमतों में 8 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई है। जिसके चलते पिछले कुछ तिमाहियों में निर्यात के मोर्चे पर कंपनियों में बेहतकर प्रदर्शऩ किया है। आगे भी उम्मीद है कि कंपनियां सप्लाई चेन पर फोकस करना जारी रखेंगी। कुछ कंपनियों को इस सेगमेंट में शुरुआती सफलता मिली है, जिसमें अमेरिका में कई जटिल / विशेष उत्पादों को मंजूरी / लॉन्च किया गया है। विशेष रूप से कोविड-19 के कारण, हम चीन से अन्य भागों में देश द्वारा एपीआई / मध्यवर्ती एक्सपोज़र के विविधीकरण की भी उम्मीद करते हैं और भारत इसके लिए एक महत्वपूर्ण लाभार्थी होने की संभावना है। कोविड के बाद के समय में सरकारों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी बजट में उल्लेखनीय वृद्धि और सुरक्षा बनाम पहुंच की उपलब्धता और आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना है।

हेल्थकेयर की बात करें तो हमें उम्मीद है कि कोविड के बाद सरकार की ओर से बढ़ाए गए खर्च, लोगों में ज्यादा अवेयरनेस इंश्योरेंस कवरेज जैसी बातों का फायदा सेक्टर को मिलेगा। सरकारी की ओर से सेक्टर के लिए किए गए खर्च और टेस्टिंग का बढ़ना भी आगे के लिए फायदेमंज साबित होगा। इन सबके बाद उम्मीद है कि यह सेरक्टर असंगठित से संगठित की ओर बढ़ सकेगा। क्योंकि अभी भी इस सेक्टर में कई सारे असंगठित प्लेयर्स है जिन्हें मुसीबत हो रही है। 

कुल मिलाकर देखा जाए तो सेक्टर के लिए आने वाला समय सकारात्मक रहेगा। वही पिछली कुछ तिमाहियों से सेक्टर जो सकारात्मकता की ओर चल रहा है। कोविड-19 के बाद इसमें और वृद्धि देखी जा सकेगी। खासकर मध्यम और दीर्घकालिक अवधि में।