comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

हाईकोर्ट के पास केंद्रीय अधिनियमों को रद्द करने की शक्ति : सुप्रीम कोर्ट

November 17th, 2020 16:01 IST
 हाईकोर्ट के पास केंद्रीय अधिनियमों को रद्द करने की शक्ति : सुप्रीम कोर्ट

हाईलाइट

  • हाईकोर्ट के पास केंद्रीय अधिनियमों को रद्द करने की शक्ति : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 17 नवंबर (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महामारी अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता को सुझाव दिया कि इस मुद्दे पर हाईकोर्ट का रुख किया जा सकता है, क्योंकि उनके पास भी केंद्रीय अधिनियमों को खत्म करने की शक्ति है।

न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और इंदिरा बनर्जी के साथ न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता ने कहा, आपने किस तरह की याचिका दायर की है, क्या आपके पास महामारी अधिनियम को चुनौती देने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट नहीं है?

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी, क्योंकि यह एकमात्र अदालत है, जो एक केंद्रीय कानून को रद्द कर सकती है। इस पर न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने जवाब दिया कि याचिकाकर्ता को अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट की शक्तियों को पढ़ना चाहिए।

पीठ ने याचिकाकर्ता एच.एन. मिराशी से कहा, अगर आप दिल्ली हाईकोर्ट की दूसरी मंजिल या फिर भूतल पर स्थित पुस्तकालय में जाते हैं और डी.डी. बसु की शॉर्टर कांस्टीट्यूशन नामक एक पुस्तक का उपयोग करते हैं, तो आप पाएंगे कि हाईकोर्ट के पास शक्ति है।

पीठ ने याचिकाकर्ता को शीर्ष अदालत से याचिका वापस लेने और संबंधित हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा।

याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत से कहा कि वह इसे हाईकोर्ट को स्थानांतरित करने के लिए एक निर्देश जारी करे। इस पर पीठ ने जवाब दिया कि अदालत को निर्देश क्यों देना चाहिए, याचिकाकर्ता खुद कानून के अनुसार, उपयुक्त प्राधिकारी से संपर्क कर सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता की यह धारणा पूरी तरह से गलत है कि हाईकोर्ट को केंद्र के अधिनियम को रद्द करने का अधिकार नहीं है।

शीर्ष अदालत ने दोहराया कि देश के सभी हाईकोर्ट के पास एक कानून को खत्म करने की शक्ति है। मामले में एक संक्षिप्त सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।

एकेके/एसजीके

कमेंट करें
GzA8s
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।