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आयुष मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिए होम्योपैथिक सुझाव

January 29th, 2020 21:30 IST
 आयुष मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिए होम्योपैथिक सुझाव

हाईलाइट

  • आयुष मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिए होम्योपैथिक सुझाव

नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने कोरोना वायरस के रोकथाम के उपाय जारी किए हैं। मंत्रालय के अनुसंधान परिषदों ने भारतीय पारंपरिक औषधि प्रणालियां आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी पर आधारित सुझाव जारी किए हैं।

आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेदिक परंपराओं के अनुसार रोकथाम प्रबंधन के लिए कुछ उपाय सुझाए हैं। इन उपायों में व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, साबुन और पानी से अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक धोने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा आयुर्वेदिक उपाय में कहा गया है कि शदांग पनिया (मुस्ता, परपाट, उशीर, चंदन और नागर) प्रसंस्कृत पानी (एक लीटर पानी में 10 ग्राम पाउडर डाल कर उबालें, जब तक यह आधा तक कम न हो जाए) पी लें। इसे एक बोतल में स्टोर करें और प्यास लगने पर पिएं। इसके अलावा कहा गया है कि बिना धोए हाथों से अपनी आंखें, नाक और मुंह छूने से बचें।

इसके अलावा बताया गया है कि जो लोग बीमार हैं, उनसे निकट संपर्क से बचें। बीमार होने पर घर पर रहें। खांसी या छींक के दौरान अपना मुंह ढंक लें और खांसने या छीकने के तुरंत बाद अपने हाथों को धो लें।

संक्रमण से बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर यात्रा करते समय या काम करते समय एक एन-95 मास्क का उपयोग करने की बात कही गई है।

आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा, अगर आपको कोरोना संक्रमण का संदेह है, तो मास्क पहनें और तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।

मंत्रालय ने आयुर्वेद और यूनानी दवा के अनुसार रोग निरोधी उपाय भी सुझाए हैं। इसके तहत अगस्त्य हरितकी पांच ग्राम दिन में दो बार गर्म पानी के साथ लेनी है। शेषमणि वटी 500 मिलीग्राम दिन में दो बार लेने की सलाह दी गई है। त्रिकटु (पिप्पली, मारीच और शुंठी) पाउडर पांच ग्राम और तुलसी 3-5 पत्तियां एक लीटर पानी में उबालें, जब तक यह पानी आधा लीटर तक कम नहीं हो जाता है। इसके बाद इसे एक बोतल में रख लें और इसे आवश्यकतानुसार और जब चाहे तब पीते रहें। प्रतिमार्स नास्य में बताया गया है कि प्रत्येक नथुने में प्रतिदिन सुबह अनु तेल/तिल के तेल की दो बूंदें डालें।

हालांकि यह परामर्श जारी करने के साथ ही आयुष मंत्रालय का यह भी कहना है कि यह सलाह केवल सूचना के लिए है और इसे केवल पंजीकृत आयुर्वेद चिकित्सकों के परामर्श से अपनाया जाए।

आयुष मंत्रालय की पहल से सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन होम्योपैथी (सीसीआरएच) ने 28 जनवरी 2020 को अपने वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड की 64वीं बैठक में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के तरीकों और उपायों पर चर्चा की थी।

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