दैनिक भास्कर हिंदी: WorldFoodDay: फूड शेयरिंग को बनाएं अपनी आदत, स्वस्थ्य रहने के लिए फॉलो करें हेल्दी डाइट

October 16th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुम्बई। दो वक्त की रोटी सभी के लिए बहुत जरुरी होती है, लेकिन ​विश्व की 81 करोड़ आबादी को दो वक्त की रोटी भी ठीक से नहीं मिल पाती। विश्व में व्याप्त इसी भुखमरी की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए हर साल 16 अक्टूबर को वर्ल्ड फूड डे मनाया जाता है। इसका उदेश्य भुखमरी को जड़ से खत्म करना है। इस खास दिन को सेलिब्रेट करने के लिए हर साल किसी न किसी थीम का आयोजन किया जाता है। इस साल वर्ल्ड फूड डे 'हमारे कार्य, हमारा भविष्य, जीरो हंगर के लिए हेल्दी डायट्स' की थीम पर सेलिब्रेट किया जा रहा है। इस विषय पर संयुक्त राष्ट्रसंघ ने अपनी सलाह में कहा है कि जितनी जरूरत उतना खाएं, आसान जीवनशैली के लिए हेल्दी-डाइट लें और खाना कम से कम बर्बाद हो, इस फॉर्मूले को अपनाएं। आज वर्ल्ड फूड डे पर जानते हैं कि वे कौनसे पदार्थ जिनका सेवन कर आप फिट रह सकते हैं और वे आदतें जिन्हें फॉलो कर आप हंगर को दूर कर सकते हैं। 

हेल्दी डाइट का रखें ध्यान 
हर उम्र के साथ खान पान में बदलाव की जरुरत होती है। बढ़ती उम्र में खान पान में ऐसी चीजें शामिल करना चाहिए, जिनमें फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इससे खाना आसानी से पचता है और शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है। साथ ही कोलेस्ट्रॉल भी मेंटेन रहता है। बढ़ती उम्र में खाने की थाली में फल और सब्जियां शामिल करनी चाहिए। फलों और सब्जियों में फाइबर तो होता ही है, इसमें मिनरल और विटामिन भी भरपूर मात्रा में होते हैं। हरी सब्जियां आयरन का अच्छा स्त्रोत हैं। इन्हें खाने से खून अच्छे से बनता है, हीमोग्लोबिन ठीक रहता है। खाने में विटामिन सी वाले आहार जैसे संतरा, नींबू और स्‍ट्रॉबेरी को भी शामिल करना चाहिए। इस तरह की डाइट से आप खुद को फिट रख सकते हैं। 

फूड शेयरिंग पर करें फोकस
ज्यादातर लोग खाने को व्यर्थ करते हैं। जरुरत से ज्यादा खाना अपनी प्लेट में लेकर उसे फेक देते हैं। ऐसे में घर का बचा खाना फेंकने के बजाए किसी जरुरतमंद को दें। इससे खाना वेस्ट नहीं होगा और साथ ही किसी का पेट भी भरेगा। इस कांसेप्ट से सामाजिक आचार-व्यवहार में भी समरसता आएगी। वर्तमान में कई ऐसे संगठन हैं, जो इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। वे शादी पार्टी या घर का बचा हुआ खाना जरुरतमंद तक पहुंचाते हैं। इससे खाने की बर्बादी तो रुकती ही है। साथ ही किसी जरुरतमंद का पेट भी भरता है।