दैनिक भास्कर हिंदी: मसूद अजहर को बचाने में जुटी ISI, इस्लामाबाद के एक सुरक्षित घर में किया शिफ्ट

May 2nd, 2019

हाईलाइट

  • मसूद अजहर को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है
  • आईएसआई ने उसे बहावलपुर के उसके निवास से इस्लामाबाद में एक सुरक्षित घर में शिफ्ट किया है
  • बुधवार को संयुक्त राष्ट्र ने मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया है

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख और पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि आईएसआई ने उसे बहावलपुर के उसके निवास से इस्लामाबाद में एक सुरक्षित घर में शिफ्ट किया है। बता दें कि बुधवार को संयुक्त राष्ट्र ने मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया है।

ग्लोबल टेररिस्ट पर सरकार द्वारा तैयार एक डोजियर जिसे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ भी साझा किया गया है में कहा गया है कि अज़हर को बालाकोट एयरस्ट्राइक (26.02.19) के बाद बहावलपुर में मरकज़ सुभानअल्लाह में नजरबंद रखा गया था और हाल ही में इस्लामाबाद में एक सुरक्षित घर में शिफ्ट कर दिया गया।

मसूद अजहर ने इस साल 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले को अंजाम देने के बाद भारत ने भी इसका जवाब देते हुए पाकिस्तान की सीमा में घुसकर मसूद अजहर को ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। इस एयरस्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान को आशंका है कि भारत मसूद अजहर पर सीधा हमला कर सकता है इसीलिए मसूद अजहर और उसके रिश्तेदारों को छिपाकर रखा जा रहा है।

सूत्रों ने कहा कि डोजियर में ये भी कहा गया है कि जैश प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर में भारत सरकार, सुरक्षा बलों और नागरिकों के खिलाफ आतंकवादी अभियान तेज किए हैं। मसूद अजहर ने अफगानिस्तान में सरकार के खिलाफ हमलों में अफगान तालिबान का हाथ थामकर जैश के ऑपरेशनल फोकस को व्यापक बनाया है।

डोजियर में कहा गया है, JeM छात्रों और चैरिटी फ्रंट के माध्यम से भर्ती अभियान चलाता है। तलबा अल-मुराबितून के अलावा अल रहमत ट्रस्ट और प्रीचिंग जैसे अन्य विंगों के साथ नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में सुन्नत और शरीयत का हवाला देकर लोगों को जेहाद करने के लिए आग्रह किया जाता है। भारत के खिलाफ उनकी कार्रवाई का समर्थन करने के लिए भी कहा जाता है।

अजहर अपने भाई और JeM के ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर के साथ आतंकवादियों की तैनाती का भी फैसला करता है। इसके बाद प्रशिक्षित आतंकवादियों को जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों करने के लिए घुसपैठ कराई जाती है। सूत्र बतातै हैं कि भारतीय सुरक्षाबल जब ऐसे आतंकियों को मार देते हैं तो फिर मसूद अजहर इसे शहादत के रूप में पेश करता है। इसका इस्तेमाल वह पाकिस्तान और POK में भर्ती और फंड जमा करने के लिए करता है।

पैम्पलेट्स, मारे गए आतंकवादियों को समर्पित किताबें, फोटो, सोशल मीडिया पर पोस्ट, JeM पदाधिकारियों के भाषण और ऑडियो संदेश भर्ती को और तेज करने और आतंकी अभियानों के लिए इस्तेमाल किए जाते है। मौलाना मसूद अजहर स्विमिंग कोर्स का भी प्रमुख है, जिसे 2018 के मध्य में बहावलपुर, पंजाब में JeM के मार्कज़ सुभानल्लाह में शुरू किया गया है। इस प्रशिक्षण को JeM की एडवांस ट्रेनिंग में शामिल किया गया है, जिसमें समुद्र और नदी-आधारित ऑपरेशन के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

 

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