दैनिक भास्कर हिंदी: Paytm Donation: पेटीएम ऐप से डोनेट कर आप अपने शहर के गरीबों को खाना खिला सकते है

April 13th, 2020

नई दिल्ली, 13 अप्रैल 2020। कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई मजबूत करते हुए भारत के अग्रणी डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवा प्रदाता प्लेटफार्म पेटीएम में केवीएन फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है ताकि दिल्ली एनसीआर के प्रवासी मजदूरों एवं दैनिक श्रमिकों को आहार उपलब्ध कराया जा सके। अभी दिल्ली एनसीआर में हजारों लोगों को प्रतिदिन भोजन वितरित किया जा रहा है जिन्होंने लॉकडाउन के चलते अपनी आय के स्रोत खो दिए हैं। कंपनी का उद्देश्य अगले कुछ हफ्तों में इन लोगों को भोजन पैकेट प्रदान करने का है। 

केवीएन फाउंडेशन द्वारा शुरू किया गया ‘फीड माइ सिटी’ अभियान हैदराबाद, बेंगलुरु, मुंबई और चेन्नई में भी चलाया जा रहा है। जो लोग इस अभियान में सहयोग करना चाहते हैं, वो पेटीएम ऐप में लॉग इन करके ‘फीड माइ सिटी ’ टैब पर क्लिककर डोनेट कर सकते हैं। 

सिद्धार्थ पांडे, पेटीएम के वाइस प्रेसिडेंट ने कहा, “इस लॉकडाउन से नोएडा में हजारों दैनिक मजदूरों की आजीविका प्रभावित हुई है। हम ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनको और उनके परिवारों को एक भी दिन भूखे पेट ना सोना पड़े। केवीएन फाउंडेशन के साथ हमारा सहयोग इस दिशा में एक कदम है।”

केवीएन फाउंडेशन ने कहा, “इस संकट के वक़्त दैनिक मजदुर, प्रवासी मजदुर  तथा सुरक्षा चक्र, स्थिर आय, इंश्योरेंस या बचत से वंचित लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। ये लोग हमारे दैनिक जीवन का बहुत जरूरी हिस्सा हैं। पेटीएम दिल्ली एनसीआर में महान उद्देश्य को अपना योगदान देना संभव बना दिया है। हम आप सभी से निवेदन करते हैं कि इस लॉकडाउन की अवधि में अपना योगदान देकर सुनिश्चित करें किसी भी व्यक्ति को भूखा ना सोना पड़े।”

पिछले कुछ हफ्ते पेटीएम ने कोरोनावायरस को रोकने के लिए अनेक अभियान चलाए हैं। कंपनी पीएम केयर फंड में 500 करोड़ का योगदान देगी और पहले 10 दिनों में ही लोगों के डोनेशन से  100 करोड़ रुपए से अधिक रुपए एकत्रित कर चुकी है।  साथ ही कंपनी उन लोगों को पर्सनल हाइजीन के उत्पाद जैसे हैंडवाश एवं  सैनेटाइज़र वितरीत  कर रही है, जिनके पास खरीदने का साधन नहीं है। पेटीएम ने  आवश्यक भुगतान जैसे यूटिलिटी बिल, प्रीमियम बिल और रिचार्ज को और आसान बनाने के लिए अपने ऐप को अपग्रेड किया है ताकि उपयोगकर्ता घर से बाहर जाने से बच सकें और कोरोनावायरस रोका जा सके।