Nipah Virus: इंसान के शरीर में निपाह वायरस 4 से 14 दिन तक साइलेंटली छिपा रह सकता है, जाने कब हो जाता है खतरनाक?

इंसान के शरीर में निपाह वायरस 4 से 14 दिन तक साइलेंटली छिपा रह सकता है, जाने कब हो जाता है खतरनाक?

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। निपाह वायरस को लेकर एक बार फिर पूरी दुनिया की चिंता बढ़ गई है। पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस से जुड़ा मामला सामने आया है। जानकारी मिली है कि यह वायरस जानवरों से इंसानों में फैलता है। हालात बहुत तेजी से बिगड़ सकते हैं अगर यह इंसान से इंसान में फैलने लगे। कुछ केसों में देखा गया है कि चमगादड़ से भी यह वायरस हो सकता है। फल खाने वाले चमगादड़ कभी-कभी पेड़ों पर लगे फल को दूषित कर देते हैं। उस फल को जब कोई इंसान खाता है तो यह वायरस उसके शरीर में पहुंच जाता है। इसकी मृत्यु दर सबसे डरावनी वाली है, जो करीब 40 से 75 % तक बताई जाती है। अगर निपाह का एक भी केस मिलता है तो स्वास्थ्य एजेंसियों को हाई अलर्ट पर कर दिया जाता है।

निपाह वायरस का अभी तक कोई पक्का इलाज उपलब्ध नहीं हो पाया है। यही वजह है कि इस वायरस को खतरनाक बना रहा है। इसका इलाज सिर्फ लक्षणों के आधार पर किया जाता है। डॉक्टर आशुतोष गर्ग ने बताया कि कई बार तो मरीज को इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भी रखना पड़ता है। जो लोग इससे बच जाते हैं, उनमें भी लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल यानी दिमाग से जुड़ी समस्याएं रह सकती हैं।

डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी ने बताया कि यह वायरस धीरे-धीरे करके असर दिखाता है। उन्होंने कहा कि इसका इन्क्यूबेशन पीरियड (संक्रमण का सुप्त काल) आमतौर पर चार से 14 दिन का होता है। कुछ मामलों में यह ज्यादा से ज्यादा 45 दिन तक छुपा रह सकता है। इस दौरान इंसान अपने आप को बिलकुल फिट महसूस करता है, लेकिन यह वायरस अंदर ही अंदर व्यक्ति के शरीर में फैलता रहता है।

वायरस के 2 स्तर

निपाह वायरस को लेकर एक्सपर्ट ने कहा कि इसका संक्रमण अक्सर 2 चरणों में सामने आता है।

पहला स्तर -फ्लू जैसा दौर

पहले चरण में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, गले में समस्या, उल्टी और जी मचलाना जैसी समस्याएं होती है। कई बार लोग इसे सामान्य लक्षण समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं।

दूसरा स्तर

इस चरण में इंसान की जान भी चली जाती है। यह वायरस आपके दिमाग को अपने काबू में करता है। और आपको तीव्र मस्तिष्क ज्वर भी हो सकता है। इस दौरान चक्कर आना, बहुत ज्यादा सोना, बात-बात पर संदेह होना, होश कम होना, सांस लेने में दिक्कत, दौरे पड़ना आदि समस्याएं होती हैं। इसके साथ ही यहां तक कि 24 से 48 घंटे में कोमा तक की नौबत आ सकती है।

. यह वायरस कैसे फैलता है?

. संक्रमित चमगादड़ों या सूअरों से

. चमगादड़ों द्वारा दूषित किए गए फलों से

. संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से (मानव से मानव)

किन देशों में मिल चुके हैं केस?

बांग्लादेश, मलेशिया, सिंगापुर और फिलीपींस जैसे कई कई देशों से निपाह वायरस के मामले सामने आ चुके हैं। खबर है कि इस वायरस से अभी तक भारत में 2 लोगों की मौत हो चुकी है। विश्व के कई देशों में इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। ताकि इंफेक्शन को और फैलने से रोका जा सके।

Created On :   30 Jan 2026 9:35 PM IST

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