दैनिक भास्कर हिंदी: PMO तक नहीं पहुंच पाया AAP का विरोध मार्च, दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग से लौटाया

June 18th, 2018

हाईलाइट

  • एलजी ऑफिस में केजरीवाल के धरने का 7वां दिन।
  • IAS अफसरों की हड़ताल के लिए पीएम मोदी को बताया जिम्मेदार।
  • चार CM's को केजरीवाल से मुलाकात की इजाजत नहीं मिली।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एलजी ऑफिस में सात दिनों से जारी अरविंद केजरीवाल के धरने के समर्थन में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आज सड़कों पर उतर आए। हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के IAS अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराने समेत कई मुद्दों को लेकर विरोध मार्च निकाला। रविवार शाम को मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से शुरू हुआ यह विरोध मार्च प्रधानमंत्री कार्यालय तक निकाला जाना था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस मार्च को संसद मार्ग से ही लौटा दिया। संसद मार्ग पर काफी देर तक AAP कार्यकर्ता पीएम मोदी और दिल्ली के उपराज्यपाल के विरोध में नारेबाजी करते रहे। बता दें कि AAP कार्यकर्ताओं को इस मार्च में CPIM का भी समर्थन हासिल था।यहां बड़ी संख्या में CPIM के झंडे लहराते हुए नजर आए। CPIM नेता सीताराम येचूरी भी इस मार्च में शामिल हुए थे।

 

 

 

 

सीएम केजरीवाल सरकार की मांग और उनके धरने को तवज्जो नहीं देने के विरोध में आप नेता और कार्यकर्ताओं ने यह मार्च निकाला था। आप के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता के मुताबिक इस मार्च में पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि आम जनता भी शामिल हुए थे।

 

 

AAP कार्यकर्ता शाम 4 बजे मंडी हाउस पर इकट्ठा हुए थे। इससे पहले आप नेता पंकज गुप्ता ने मोदी सरकार को बेशर्म करार देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार को लोगों का काम करने से रोकने के लिए मोदी सरकार अपनी शक्तियों और संस्थानों का दुरुपयोग कर रही है। 

 

चार मुख्यमंत्रियों ने पीएम मोदी से की मुलाकात

IAS अफसरों की हड़ताल खत्म कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के समर्थन में आए पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्रियों ने पीएम मोदी से मुलाकात की और दिल्ली सरकार की समस्याओं का तत्काल समाधान करने का अनुरोध किया।

 

 

रविवार को नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और केरल के सीएम पिनरई विजयन से मुलाकात की।

 

 

सीएम केजरीवाल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए रविवार सुबह ट्वीट किया था कि, जो प्रधानमंत्री किसी राज्य में अफ़सरों की हड़ताल करवा के वहां का कामकाज ठप करता है, क्या ऐसे प्रधानमंत्री के हाथों में देश का लोकतंत्र सुरक्षित है? दरअसल सीएम अरविंद केजरीवाल दिल्ली प्रशासन में काम कर रहे IAS अफसरों की अघोषित हड़ताल खत्म करवाने, काम नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और गरीबों के घर राशन पहुंचाने के दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग कर रहे हैं। सीएम केजरीवाल, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और कैबिनेट के दो मंत्रियों के साथ सात दिन से एलजी ऑफिस में धरना दे रहे हैं।

 

 

सुब्रमण्यम स्वामी ने केजरीवाल को कहा नक्सली


बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नक्सली करार दिया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल नक्सली हैं, चार राज्यों के मुख्यमंत्री क्यों उनका सपोर्ट कर रहे हैं ?

 

 

 

 

बता दें कि केजरीवाल के समर्थन में आए चार मुख्यमंत्रियों को केजरीवाल से मिलने की इजाजत नहीं मिली थी। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, केरल के सीएम पिनरई विजयन और कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी शनिवार को केजरीवाल से मिलने पहुंचे थे, लेकिन दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने चारों मुख्यमंत्रियों को केजरीवाल से मुलाकात की अनुमति नहीं दी।

 

 

ममता बनर्जी  ( सीएम, प.बंगाल )

अरविंद केजरीवाल के घर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने दिल्ली विवाद को संवैधानिक संकट बताया है। उन्होंने कहा दिल्ली में 2 करोड़ जनता है। 4 महीने से काम बंद पड़ा है। यह दुखद है। आगे उन्होंने कहा देश की राजधानी में ऐसा है तो बाकी जगह क्या होगा। 

 

 

 

 

 

एचडी कुमारस्वामी (सीएम, कर्नाटक)

 

वहीं कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने कहा हम पीएम से अपील करते हैं कि वो मामले में हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करें। 


 

 

चंद्रबाबू नायडू  ( सीएम,आंध्र प्रदेश )

 

आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा केजरीवाल की मांगें मानी जाएं और दिल्ली सरकार को काम करने दिया जाए।

 

 

 

जम्मू कश्मीर पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला भी केजरीवाल के पक्ष में खड़े हो गए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, 'तर्क और दलील भूला दिया गया है। दिल्ली की जनता की तरफ से निर्वाचित और बहुमत से जीत हासिल करने वाले सीएम पिछले छह दिन से धरना दे रहा हैं। ऐसी शक्तियां किसी की परवाह नहीं कर सकती हैं। क्या लोकतंत्र की किसी को परवाह है?'

 

 

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री सत्येन्द्र जैन और गोपाल राय के साथ सोमवार शाम से एलजी ऑफिस 'राज निवास' में धरना दे रहे हैं। मनीष सिसोदिया और सत्येन्द्र जैन अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल पर हैं।